नई दिल्ली: कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) उत्तरी क्षेत्र ने नई दिल्ली में आयोजित अपनी वार्षिक क्षेत्रीय बैठक के दौरान वर्ष 2026–27 के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है।
सैमटेल एवियोनिक्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पुनीत कौरा को चेयरपर्सन के रूप में निर्वाचित किया गया है, जबकि सुब्रोस लिमिटेड की चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्रद्धा सूरी मारवाह को डिप्टी चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह नई टीम दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों तथा चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे तीन केंद्र शासित प्रदेशों में सीआईआई के कार्यों का नेतृत्व करेगी।
नई प्राथमिकताओं पर रहेगा फोकस
चेयरपर्सन का पदभार संभालने के बाद, पुनीत कौरा ने वर्ष 2026–27 के लिए अपने विज़न को साझा करते हुए छह प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया है, जो क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक तंत्र को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे नीतिगत वकालत: उद्योग जगत के लिए अनुकूल नीतियों को बढ़ावा देना।
प्रौद्योगिकी एवं नवाचार संवर्द्धन: क्षेत्र में तकनीकी विकास को गति देना।एमएसएमई विकास एवं प्रतिस्पर्धात्मकता: लघु एवं मध्यम उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।कौशल विकास: कार्यबल की क्षमता और कौशल को निखारना।स्थिरता एवं समावेशन: पर्यावरण के अनुकूल विकास और सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता देना। सदस्य सहभागिता: संगठन और उसके सदस्यों के बीच सक्रिय जुड़ाव सुनिश्चित करना।
नेतृत्व का अनुभव और पृष्ठभूमि
पुनीत कौरा: सैमटेल एवियोनिक्स लिमिटेड के प्रमुख के रूप में, श्री कौरा का रक्षा, एयरोस्पेस और रेलवे इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और थेल्स ग्रुप (Thales Group) जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ उनके सफल संयुक्त उपक्रमों ने भारत की उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी क्षमताओं को नई दिशा दी है।
श्रद्धा सूरी मारवाह: सुब्रोस लिमिटेड की कमान संभालने वाली श्रद्धा सूरी मारवाह ने 2001 में कंपनी से जुड़ने के बाद इसे बाजार में एक अग्रणी पहचान दिलाई है। सुजुकी और डेन्सो के साथ उनके संयुक्त उपक्रमों का संचालन और विस्तार उनकी व्यावसायिक कुशलता को दर्शाता है। वे सीआईआई की राष्ट्रीय परिषद (2023–25) में भी सक्रिय रही हैं और उद्योग जगत में प्रतिस्पर्धात्मकता तथा विनिर्माण उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं।
इस नेतृत्व परिवर्तन के साथ, सीआईआई उत्तरी क्षेत्र उम्मीद कर रहा है कि आने वाले वर्ष में औद्योगिक विकास और सरकार-उद्योग के बीच आपसी तालमेल को और अधिक मजबूती मिलेगी, जो भारत की दीर्घकालिक आर्थिक आकांक्षाओं में सार्थक योगदान देगा।




