August 8, 2026 2:12 am

सीएसआईआर-सीमैप द्वारा लखनऊ में 30-31 जनवरी को आयोजित होगा दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला 2026

औषधीय एवं सुगंधित फसलों, किसान समृद्धि, मूल्यवर्धन और कृषि उद्यमिता पर रहेगा केंद्रित

लखनऊ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का एक प्रमुख संस्थान, सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ, 30 और 31 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित अपने परिसर में दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला 2026 का आयोजन कर रहा है। इस किसान मेले का उद्देश्य किसानों की आजीविका को मजबूत करना, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना और कृषि मूल्य श्रृंखला में ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और मूल्यवर्धन के लिए नए अवसर सृजित करना है।

डॉ. संजय कुमार, वैज्ञानिक-जी एवं संयोजक, किसान मेला-2026 ने किसान मेले मे होने वाली गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की, कि यह किसान मेला किसानों, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य करेगा। आदिवासी और विकासशील क्षेत्रों सहित देश भर के प्रगतिशील किसानों की बड़ी संख्या में भागीदारी की उम्मीद है। इस किसान मेले मे लगभग 5000 किसान 20-25 राज्यों से भाग लेने की संभावना है। महिलाओं के अगरबत्ती, गुलाब जल आदि बनाने का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे महिला प्रतिभागियों की भारी मात्रा मे भाग लेने की संभावना है। यह आयोजन सीएसआईआर-सीमैप के किसान-केंद्रित अनुसंधान, प्रौद्योगिकियों और क्षेत्र-परीक्षित नवाचारों को उजागर करेगा, विशेष रूप से सीएसआईआर एरोमा मिशन जैसी राष्ट्रीय पहलों के तहत, जिसने औषधीय और सुगंधित फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप ने बताया कि दिनांक 30.01.2026 को डॉ. धीर सिंह, निदेशक, राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा मुख्य अतिथि के रूप मे पधार रहे हैं तथा किसान मेला मे अपना सम्बोधन करेंगे। इन दो दिनों के दौरान, किसानों को औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती, कटाई के बाद के प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विपणन से संबंधित उन्नत वैज्ञानिक पद्धतियों से अवगत कराया जाएगा। बाजार से जुड़े कृषि सतत विकास मॉडल, विविध और अंतर्फसली कृषि प्रणालियों में सुगंधित फसलों का एकीकरण और सतत एवं जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सीएसआईआर-सीमैप के वैज्ञानिक संवादात्मक सत्रों और व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श सेवाएं प्रदान करेंगे। निदेशक महोदय ने बताया कि इस अवसर पर सुगंधित पौधों से आसवित हर्ब से मवेशियों के लिए चारा बनाने की तकनीकी पर एक एमयूओ साइन किया जाएगा एवं बुकलेट का भी विमोचन किया जाएगा।

किसान मेला के दूसरे दिन दिनांक 31 जनवरी, 2026 को मुख्य अतिथि के रूप मे डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवम सचिव, डीएसआईआर, भारत सरकार पधार रही हैं। इस अवसर पर सिट्रोनेला व अकरकरा की उन्नत प्रजातियों का विमोचन किया जाएगा। अकरकरा आयुर्वेद, यूनानी और पारंपरिक अरबी चिकित्सा में प्रयुक्त एक प्राचीन जड़ी बूटी है। इसके प्रमुख जैविक गुण हैं । सियालोगोग,, रोगाणुरोधी, कामोत्तेजक, ऐंठनरोधी, तंत्रिका सुरक्षात्मक, सूजनरोधी, स्मृतिवर्धक, प्रतिरक्षा उत्तेजक, एंड्रोजेनिक, कैंसररोधी और कीटनाशक। वर्तमान किस्म CIM- नित्या अकरकरा की भारत में विकसित की गई पहली किस्म है, जिसे दो उत्परिवर्तियों के अंतः प्रजाति संकरण और उसके बाद छह पीढ़ियों तक स्थिरीकरण के माध्यम से विकसित किया गया है। सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ में डॉ. लईक उर रहमान (वैज्ञानिक-‘जी’) और उनकी टीम द्वारा विकसित नई प्रजाति सिट्रोनेला सिम-हरितिमा किसानों को उच्च सगंध तेल उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ प्रदान करेगी। क्षेत्रीय मूल्यांकन से पता चलेगा कि सिम-हरितिमा दो कटाइयों से प्रति हेक्टेयर 333–365 किलो ग्राम सगंध तेल उत्पन्न करेगी, जो व्यापक रूप से उगाई जाने वाली प्रजाति बायो-13 से लगभग 55–60% अधिक होगी। सिम-हरितिमा भारत के उत्तरी मैदानी क्षेत्रों में सिट्रोनेला उत्पादकों के लिए अत्यधिक उत्पादक और भरोसेमंद प्रजाति के रूप में उभरेगी, जो श्रेष्ठ तेल गुणवत्ता को उन्नत लाभ प्रदता के साथ जोड़ेगी। इसके साथ-साथ बेल पत्र से निर्मित क्रीम का भी विमोचन किया जाएगा। नारियल के कवच से जीवाणु रोधी क्रीम का भी विमोचन किया जाएगा। इसी क्रम मे कट फ्लावर को संरक्षित रखने के लिए एक फार्मूलेशन का भी विमोचन किया जाएगा। उद्यमियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया जाएगा। नीबूघासकी उन्नत प्रजातियों का जीनोम सीक्वेंसिंग रिलीज किया जाएगा। एक सीआरएम का नॉन डिसक्लोज़र एग्रीमंट साइन किया जाएगा।

किसान मेले का एक प्रमुख आकर्षण मेन्था, लेमनग्रास, सिट्रोनेला, पामारोजा, वेटिवर और सीएसआईआर-सीमैपद्वारा विकसित अन्य उच्चगुणवत्ता वाली औषधीय और सुगंधित फसलों की उत्कृष्ट और उन्नत पौध सामग्री की बड़े पैमाने पर वितरण किया जाएगा। मेंथा की लगभग 400 क्विंटल सकर्स को भी किसानों को वितरित किया जाएगा। किसान आधुनिक आसवन इकाइयों, प्रसंस्करण तकनीकों और फसल कटाई के बाद के उपकरणों के लाइव और स्थाई प्रदर्शन भी देख सकेंगे। गुलाब जल आसवन सहित लाइव प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, साथ ही आय सृजन के अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए मूल्यसंवर्धित उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी।

किसानों को कृषि स्तर पर सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता करने के लिए, मौके पर ही मृदा परीक्षण की व्यवस्था की गई है, जहाँ किसान अपने खेतों से मृदा के नमूने ला सकते हैं और तुरंत विश्लेषण तथा विशेषज्ञ सलाह प्राप्त कर सकते हैं। किसान केन्द्रित प्रौद्योगिकी पवेलियन और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीएसआईआर-सीमैपके अनुसंधान परिणामों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वैज्ञानिकों और स्टेकहोडर्स के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित होगा।

किसान मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और व्यावसायिक उपलब्धियों का अनावरण किया जाएगा, जिनमें उन्नत किस्मों का विमोचन, नई प्रौद्योगिकियों का शुभारंभ और हस्तांतरण, हर्बल और सुगंधित उत्पादों का बाजार में प्रवेश और सीएसआईआर-सीमैपके प्रयासों के प्रभाव को दर्शाने वाले प्रमुख प्रकाशनों का विमोचन शामिल हैं।

किसान मेले के व्यापक प्रचार को सुनिश्चित करने के लिए, लाइव सोशल मीडिया स्ट्रीमिंग जैसी डिजिटल सहभागिता पहल की जाएगी तथा प्रेस और मीडिया संवादों के माध्यम से औषधीय और सुगंधित पौधों के क्षेत्र में सीएसआईआर-सीमैपके राष्ट्रीय योगदान को उजागर किया जाएगा। किसान पंजीकरण, पहचान बैज, भोजन, पार्किंग, किसान स्टॉल और उत्पाद बिक्री एवं वित्तीय लेनदेन के पारदर्शी संचालन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है, जिससे एक सुगम और किसान हितकारी अनुभव सुनिश्चित हो सके।

सीएसआईआर-सीमैप किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला एवं महिला सहयोग संगठनों, कृषि उद्यमियों, स्टार्टअप्स, छात्रों और सभी स्टेकहोल्डर को किसान मेला 2026 में भाग लेने और सतत कृषि एवं ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए विज्ञान-आधारित समाधानों से लाभ उठाने के लिए हार्दिक आमंत्रित करता है। दो दिवसीय यह आयोजन विज्ञान, कृषि और उद्यमिता का एक जीवंत संगम होगा, जो राष्ट्र निर्माण और किसान सशक्तिकरण में सीएसआईआर-सीमैप की भूमिका को सुदृढ़ करेगा।

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