June 4, 2026 12:31 am

सीतापुर: आज़ादी के दशकों बाद भी मुख्य रास्ते को तरस रहा ग्राम बरातपुर का अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र, IGRS भी बेअसर

महोली, सीतापुर। (संवाददाता) डिजिटल इंडिया और विकास के दावों के बीच जिला सीतापुर की तहसील व ब्लॉक महोली के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरातपुर से एक बेहद परेशान करने वाली तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ के अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में आज तक मुख्य सड़क से संपर्क जोड़ने वाला कोई पक्का रास्ता नहीं बन पाया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन नारकीय बन चुका है।

समस्या का मुख्य केंद्र ग्रामीणों के अनुसार, गाँव की मुख्य सड़क से लेकर रामाधार के मकान से होते हुए राम लोटन के मकान तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह बदहाल और कच्चा है। इस मार्ग पर थोड़ी सी भी बारिश होने पर घुटनों तक कीचड़ और पानी भर जाता है, जिससे यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई बाधित, बुजुर्गों की जान को खतरा रास्ता न होने के कारण सबसे बड़ा खामियाजा मासूम बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है।कीचड़ और जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल आना-जाना पूरी तरह बंद हो जाता है।बुजुर्गों को इस दलदल भरे रास्ते से गुजरते समय हमेशा पैर फिसलने, गिरने और गंभीर चोट लगने का डर सताता रहता है।आपातकालीन स्थिति में बीमार व्यक्तियों या गर्भवती महिलाओं को मुख्य सड़क तक ले जाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) और तहसील स्तर पर कई बार लिखित प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण आज तक इस सड़क के निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हर बार ग्रामीणों को सिर्फ कोरे आश्वासन ही हाथ लगते हैं। मुख्य रास्ता न होने से राम लोटन, रामबक्स, शिवपाल, आशीष कुमार, रामशरन , बृजेश, राजेश, मनोज कुमार और आदि नागरिकों के परिवारों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग कट जाता है। इन लोगों के पास अपने घरों तक सुरक्षित पहुँचने का कोई वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध नहीं है।

ग्राम बरातपुर के पीड़ित नागरिकों ने इस खबर के माध्यम से जिलाधिकारी सीतापुर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बेहद करुण अपील की है कि उनके मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस रास्ते का निर्माण अविलंब कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

59
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!