बोगस फर्मो के जरिये कराता था जीएसटी की चोरी, करता था सरकार का नुकसान
यूपी एसटीएफ ने पुणे महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एसटीएफ नें बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवाइस/ई-वे बिल के जरिये जी०एस०टी० चोरी कर लगभग सौ करोड़ से अधिक की राजस्व क्षति पहुँचाने एवं लखनऊ में दर्ज मुकदमे के मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के थाना कार्यालय विमान तल विमान नगर से गिरफ्तार किया।पकड़ा गया
केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली पुत्र रमजान अली नि०-सी-706 लुंकड जोडियेक विमान नगर पुणे महाराष्ट्र स्थायी पता बागे हुसैन प्रभूदास तालाब शिशु विहार भावनगर गुजरात के पास से दो लेपटाप व दो मोबाइल औऱ एक पासपोर्ट बरामद किया। पुणे महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया।
यूपी एसटीएफ के मुताबिक रईस, केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली व मुन्तजिर द्वारा पुणे महाराष्ट्र व भावनगर गुजरात में एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है।
केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी कागजो के सहारे बोगस फर्म बनाना, बिना किसी परचेज के बोगस सेल्स इनवाईस काटना, बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना एवं फर्जी जी०एस०टी० रिटर्न फाईल करने के कार्य करते है। यह कार्य रईस, केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली व मुन्तजिर विभिन्न बास्तविक फर्मा को लाभ पहुँचाने हेतु करते है।
वास्तविक फर्म धारक अपना जी०एस०टी० नम्बर, माल/ सेवा की किस्म, मात्रा, कीमत का विवरण रईस एवं केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते है। जिस पर उनके द्वारा पूर्व में बनायी गयी बोगस फर्मों के सेल्स इनवाईस, ई-वे बिल आदि विवरण जी०एस०टी० पोर्टल पर अपलोड कराकर वास्तविक फर्म धारको को उपलब्ध करा दिया जाता था।
यूपी एसटीएफ के मुताबिक इन बोगस इनवाईसेज में अंकित माल/सेवा की फर्जी परचेज को वास्तविक रूप देने के लिए सम्बन्धित फर्मों द्वारा बैंक खातों के जरिये सेल्स इनवाइस में अंकित रकम बोगस फर्म के खाते में ट्रांसफर दिखाई जाती है।
इस लेन-देन से सम्बन्धित धनराशि की पूर्ति बोगस फर्मों से कैश के माध्यम अथवा अन्य बोगस फर्मों से सकुर्लर ट्रेडिंग दिखाकर कर वास्तविक फर्म धारक कर लेता है। बैंक ट्रान्जेक्शन हेतु विभिन्न फर्मों के लागिन आई०डी०, पासवर्ड की एक्सेज आरोपियों के पास रहती है जिससे वह सम्बन्धित फर्मों से ओ०टी०पी० प्राप्त कर सुविधाजनक ढंग से लेन-देन करता रहता है।आरोपियों द्वारा भारत के गुजरात, मध्य प्रदेष, महाराष्ट्र, बैंगलोर, दिल्ली व उ०प्र० के विभिन्न जनपदों में कई बोगस फर्मे पंजीकृत करायी गयी थी जिनके माध्यम से सर्कुलर ट्रेडिंग करते हुए वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाते हुए करोड़ो रूपये की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षत्ति की गयी है।यूपी एसटीएफ के मुताबिक आरोपी
गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बैंगलोर, दिल्ली व उ०प्र० के विभिन्न जनपदों के विभिन्न जनपदों के पते पर कई बोगस फर्ने पंजीकृत कराकर उनके माध्यम से जीएसटी चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाया जा रहा था।पकड़े गये आरोपी के मोबाइल फोन में 15 से अधिक ई- मेल आई०डी० लागिन थी जिनके माध्यम से बोगस फर्मों का पंजीकरण, फर्जी इनवाईस एवं ई- वे बिल काटने, जी०एस०टी० रिटर्न फाइलिंग एवं बैंक ट्रांजेक्शन सम्बन्धी ओ०टी०पी० प्राप्त किया जाता था। रईस के द्वारा अराध्या इण्टरप्राइजेज जनपद लखनऊ में इन्दिरा नगर के पत्ते पर पंजीकृत करायी गयी थी। यह फर्म उसके द्वारा जाली प्रपत्रों का इस्तेमाल कर पंजीकृत की गयी थी। रईस के द्वारा
बोगस फर्ने जाली प्रपत्रों का इस्तेमाल कर लखनऊ के पते पर पंजीकृत करायी गयी है। इन लोगों द्वारा अपनी इन फर्मों एवं अन्य राज्यों में पंजीकृत बोगस फर्मों के माध्यम से प्रथम दृष्टया लगभग 100 करोड़ से अधिक धनराशि की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।पूर्व में दर्ज धारा-318(4), 338, 336(2), 340(2), 61 (2) बी०एन०एस० थाना इंदिरा नगर के मुकदमे के विवेचक नें गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार ट्रांजिट रिमाण्ड प्राप्त करने के उपरांत सम्बन्धित न्यायालय के समक्ष समय से प्रस्तुत किया जायेगा।




