डीजीपी राजीव कृष्ण ने किया प्रदेश भर की अपराध एवं क़ानून व्यवस्था की समीक्षा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने प्रदेश के सभी जोनल एडीजी , पुलिस कमिश्नर, रेंज आईजी /डीआईजी और एसएसपी /एसपी और सभी एडिशनल एसपी /सीओ के साथ ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की।
बैठक में डीजीपी ने आईजीओटी पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक कोर्स पूरे कर देश में प्रथम स्थान पाने पर सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दी और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए।
डीजीपी नें कहा कि जीरो टॉलरेंस इज ए स्टेट ऑफ माइंड है। जीरो टॉलरेंस केवल नीति नहीं, पुलिसिंग की मूल कार्यशैली होनी चाहिए। हर अपराध के मूल कारणों का विश्लेषण कर रोकथाम की कमी तलाशी जाए।डीजीपी नें कहा कि बीट सूचनाओं के संकलन और उपयोग की नियमित समीक्षा हो। बीट पुलिसकर्मियों को नशे की अवैध बिक्री और निर्माण की पहचान के लिए ब्रीफिंग दी जाए। चोरी, नकबजनी और चेन स्नैचिंग रोकने के लिए बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाई जाए। यक्ष ऐप की एसओएस सुविधा का उपयोग कर त्वरित चेकिंग की जाए। लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।
डीजीपी नें कहा कि थानों पर शिकायतों की संवेदनशील सुनवाई और पुलिस व्यवहार में सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है ।आईजीआरएस के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई होंगी। डीजीपी नें कहा कि आगामी त्योहारों पर मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने और झांकियों में करंट से होने वाली मौतों पर जीरो टॉलरेंस। बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश।
60 और 90 दिन से अधिक लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण हो। लूट, हत्या और चेन स्नैचिंग के ब्लाइंड केसों की व्यक्तिगत समीक्षा कर खुलासा किया जाए।
डीजीपी नें कहा कि यक्ष ऐप में सत्यापन के बाद भी अपराध करने वालों पर विशेष निगरानी, आरटीसी और जेडएफडी अभियान के तहत ट्रैफिक जाम और सड़क हादसे और कम करने, गुमशुदा बच्चों की शीघ्र बरामदगी के साथ उनके पैटर्न का विश्लेषण और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीमों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।





