ए अहमद सौदागर लखनऊ। 16 दिसंबर 2025 को यमुना एक्सप्रेस वे पर एक साथ 11 वाहन एक दूसरे में भिड़ने से 13 लोग जिंदा जले थे।
11 फरवरी 2026 को काकोरी क्षेत्र में हरदोई रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में एक की मौत, कई घायल हुए थे।
सात फरवरी 2026 को यमुना एक्सप्रेस वे पर बेलगाम टैंकर ने छह लोगों को रौंदा, जिससे छह लोगों की मौत हो गई थी। यह तो महज बानगी भर है और भी अलग-अलग जिलों के थाना क्षेत्रों में सड़क हादसे में कईयों लोगों की जानें जा चुकी हैं।
बीते दिनों हुई दुर्घटनाओं में हुई मौतों का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गोसाईगंज थाना क्षेत्र स्थित खेमा खेड़ा गांव के पास सोमवार को अचानक उस समय चीख-पुकार मच गई जब लुधियाना से सवारी भरकर दरभंगा बिहार जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में मौके पर ही पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बीते दिनों और हाल ही में हुई दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तमाम कोशिशों के बावजूद ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जारी है। वहीं भले ही कोई कितना भी समझाए कि तेज रफ्तार से वाहन न चलाएं, लेकिन एक-दूसरे को पीछे करने की होड़ के चलते आए दिन किसी न किसी की जान चली जाती है। सोमवार को गोसाईगंज क्षेत्र में हुए हादसे में कुछ ऐसा ही देखने को मिला।




