लखनऊ। डॉ.अंबेडकर सामाजिक एकता मंच के तत्वावधान में संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर जी के परिनिर्वाण दिवस पर बुद्ध मंदिर, मार्टिन पुरवा, हजरतगंज, में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि डॉ.अंबेडकर एक महान विचारक, समाज सुधारक और भारतीय संविधान के निर्माता थे। उन्होंने अपने जीवन को सामाजिक समानता, शिक्षा और मानवाधिकारों के लिए समर्पित किया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिन्हें बाबा साहब के नाम से भी जाना जाता है, एक महान भारतीय नेता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ थे। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को महाराष्ट्र में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था। वे भारतीय संविधान के निर्माता थे और देश के पहले कानून मंत्री बने। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का परिनिर्वाण 6 दिसंबर 1956 को हुआ था।
डॉ.अंबेडकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव और जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने सामाजिक समानता के लिए कई आंदोलन किए।बाबा साहब डॉ.अंबेडकर जी ने महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ी और महिलाओं के लिए समान अधिकारों की मांग की, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा दिया। डॉ. अंबेडकर का मानना था कि शिक्षा ही समाज को बदलने की सबसे बड़ी ताकत है।
हम डॉ.अंबेडकर के आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण और समान समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम उनके सपनों को साकार करने के लिए काम करेंगे, जहां सभी को समान अधिकार और अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री सूरज कुमार गौतम,संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, सुमित रावत, राकेश कुमार जायसवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर तकी अहमद सिद्दीकी, गरिमा,माया देवी, आशीष कुमार,मुन्नी देवी, अभिनव चौधरी,अनन्य, वंदना कुमारी, अर्पिता, संजीता, ज्ञानवती,कांति देवी, निहारिका, सहित तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।




