न्यूज ऑफ इंडिया (एजेन्सी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण की 5वीं बैठक आज वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), डॉ अरूण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में वन विभाग मुख्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में 50 वेटलैण्ड को वेटलैण्ड रूल्स, 2017 के अंतर्गत अधिसूचित कराये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्रदेश के 09 जनपदों में लगभग 1000 हे0 में फैले 50 वेटलैण्ड को वेटलैण्ड रूल्स, 2017 के अंतर्गत अधिसूचित कराने पर सहमति भी दी गयी। अपर गंगा रिवर रामसर साइट की प्रबन्ध योजना का अनुमोदन व ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम वेटलैण्ड समिति का गठन का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त 02 फरवरी को ग्राम पंचायत स्तर पर वेटलैण्ड दिवस का आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गंगा नदी के दोनों ओर 10 किमी0 की सीमा में आने वाले वेटलैण्ड का संरक्षण किया जायेगा। योजनान्तर्गत गंगा नदी के दोनों ओर 10 किमी0 की सीमा में स्थित 282 वेटलैण्ड का सत्यापन, वेटलैण्ड द्वारा प्रदान किये जा रहे सभी वेटलैण्ड को ब्रीफ डाक्यूमेंट एवं हेल्थ कार्ड बनाने तथा उनके संरक्षण के लिये सब-बेसिन लेवल पर एवं वेटलैण्ड लेवल पर रू0 175.83 करोड़ की प्रबन्ध योजना निरूपित की गयी है। बैठक में डा0 अरूण कुमार सक्सेना द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय विधायक के सहयोग से 01 वेटलैण्ड को संरक्षित करने तथा इसे पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु कार्यवाही की जाय। कृषि उत्पादन आयुक्त, मनोज कुमार सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में स्थित वेटलैण्ड के विकास की परियोजना को स्थानीय ग्राम पंचायत विकास योजना में सम्मिलित कराने की आवश्यकता बतायी, जिससे वेटलैण्ड का संरक्षण एवं विकास ग्राम पंचायत स्तर पर किया जा सके। बैठक में मनोज कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन, जो उत्तर प्रदेश राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी हैं, के साथ-साथ मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, श्री एस0के0 शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष एवं अंजनी कुमार आचार्य, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव भी उपस्थित रहे।




