August 8, 2026 4:53 am

मनरेगा श्रमिकों के पारिश्रमिक के भुगतान हेतु आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम को किया गया मजबूत

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेन्सी) लखनऊ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में प्रदेश में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन मे और अधिक पारदर्शिता व सुचिता लाने के प्रभावी व सार्थक कदम उठाए गए हैं। मनरेगा श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान और अधिक सरलता के साथ हो,व पारदर्शिता बनी रहे, कहीं पर भी कोई लीकेज न होने पाये, इसके लिए सभी सक्रिय जाब कार्ड धारकों को आधार से लिंक किया गया है। मनरेगा श्रमिकों के आधार सीडिंग के कार्य में, उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। यही नहीं मनरेगा श्रमिकों के पारिश्रमिक के भुगतान हेतु आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम को और अधिक मजबूत किया गया है।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया जाता है। इसके लिए श्रमिक की मांग पर जॉब कार्ड जारी किया जाता है। जॉब कार्ड पर काम की मांग, आवंटन, किए गए कार्य का विवरण एवं मजदूरी का भुगतान का अंकन किया जाता है।

जॉब कार्ड के साथ सभी का आधार कार्ड लिंक करने से श्रमिक की पहचान संबंधित पूरा विवरण सत्यापित हो जाता है। जॉब कार्ड आधार से लिंक हो जाने के बाद मजदूरी का भुगतान सीधे उनके खाते में पहुंचाने में और अधिक आसानी हो गयी है। इससे मनरेगा योजना में पारदर्शिता बढ़ती है, और मजदूरी की धनराशि में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहती है। आधार सीडिंग हो जाने से फर्जी जाब कार्ड होने की सम्भावना बिल्कुल नहीं रहती है।ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में सभी 1.46 करोड़ सक्रिय जाब कार्ड धारक (श्रमिक), आधार से लिंक कराए जा चुके हैं। और 1.33, करोड़ से अधिक श्रमिकों को आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम (।ठच्ै) से लिंक किया जा चुका है। आधार सीडिग से श्रमिको की पहचान सत्यापित होना भी आसान हो गया हैग्राम्य विकास आयुक्त जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत गांवों में रहने वाले मनरेगा श्रमिकों के पारिश्रमिक के भुगतान प्रक्रिया को सरल व सहज बनाने दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

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