मलिहाबाद,लखनऊ। लखनऊ हरदोई निर्माणाधीन हाईवे में आए आम के पेड़ों को वन निगम की जगह लकड़ी माफियाओं ने वन विभाग से सांठगांठ कर दिन दहाड़े वन चौकी वा थाने के चांद कदमों की दूरी से पेड़ काट ले गए। मामला जब उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो क्षेत्रीय वन अधिकारी ने सारी लकड़ी मौके पर ही होने की बात बताकर मामला बराबर कर लिया जबकि लकड़ी एक आरा मशीन से बरामद उठवाकर लाई गई है। वन विभाग के अधिकारी माफियाओं पर कार्यवाही के बजाय उन्हें बचाने में जुटे हैं। लखनऊ हरदोई राष्ट्रीय राज्य मार्ग का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं सड़क किनारे जो भी पेड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग में आ रहे हैं उनकी कटाई भी कराई जा रही है। रहीमाबाद थाने के चंद कदमों की दूरी पर वन विभाग की चौकी है जिसके सामने वन निगम के आम के पेड़ खड़े थे जिनकी कटाई रविवार सुबह से पूरा दिन होती रही। देर साम मामला उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा की जो लकड़ी वन निगम की थी उसे लकड़ कट्टों ने काट कर लकड़ी उठा ले गए हैं। जब क्षेत्रीय अधिकारियों से इसमें पूछताछ की गई तो सब शक्ते में आ गए। गर्दन फंसती देख क्षेत्रीय वन दरोगा और कर्मचारियों ने रहीमाबाद स्तिथ आरा मसीन से रात भर ट्रैक्टरों से लकड़ी मंगवाई। अब सवाल यह उठता है की वन चौकी के सामने पूरा दिन वन माफिया वन निगम की लकड़ी काट काट कर ले जाते रहे। सब पता होने के बाद भी उन्हें नहीं रोका गया और जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो क्षेत्रीय अधिकारी हरकत में आए फिर भी वन माफियाओं को बचाने के लिए उच्च अधिकारियों को गुमराह कर अपना पल्ला झाड़ लिया। रहीमाबाद वन दरोगा ने खुद कहा की चोर लकड़ी उठा ले गए थे जिसे बरामद कर वापस ले आई गई है। जब चोर लकड़ी उठा ले गए थे तो उनके विरुद्ध आखिर अभी तक क्यों मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वहीं इस संबंध में रेंजर मलिहाबाद से बात करने की कोशिश की तो उनका फोन नहीं लगा।
रिपोर्ट-रामू गौतम




