न्यूज ऑफ़ इंडिया ( एजेन्सी) लखनऊ। इस माह उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व परामर्शदात्री समिति की बैठक में प्रदेश में स्थित 130 स्मारकों/स्थलों को संरक्षित किये जाने की संस्तुति प्रदान की गयी।यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि संरक्षित किये जाने वाले स्मारकों/स्थलों में जनपद अयोध्या के बढ़ई मंदिर-लक्ष्मणघाट तथा शेषावतार-लक्ष्मणघाट शामिल हैं। इसी प्रकार जनपद बाराबंकी, गोण्डा, श्रावस्ती, बलरामपुर के 02-02 स्थल, अम्बेडकरनगर का 01 स्थल तथा रायबरेली जनपद के 17 स्थल, उन्नाव का 01 स्थल, पीलीभीत के 03 स्थल तथा आगरा के 43 स्थल, झांसी के 05 तथा महोबा का 01 स्थल आल्हा-उदल का शिकारगाह शामिल है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इसके अलावा जनपद सिद्धार्थनगर के 03 स्थल, महाराजगंज का 01 स्थल तथा फतेहपुर के 14 स्थल, प्रयागराज के 08 स्थल, बांदा के 05 स्थल, कौशाम्बी के 04 स्थल, प्रतापगढ़ के 05 स्थल, चित्रकूट के 02 स्थल, मऊ का 01 स्थल, वाराणसी के 02 स्थल, चंदौली का 01 स्थल, सोनभद्र का 01 स्थल तथा मिर्जापुर का 01 स्थल सीता कोहबर शामिल है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि 04 स्मारकों/स्थलों को असंरक्षित घोषित किये जाने का भी निर्णय लिया गया है, जिसमें कोठी फरहतबख्श कैसरबाग लखनऊ, अकबर की सिगारगाह किरावली जनपद आगरा, चम्पतराय का महल झांसी तथा टहरौली का किला झांसी शामिल है। उन्होंने बताया कि निदेशक पुरातत्व सुश्री रेनू द्विवेदी द्वारा विशेष सचिव संस्कृति विभाग को इस सम्बंध में अग्रेत्तर कार्यवाही किये जाने हेतु पत्र प्रेषित करा दिया गया है।
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