लखनऊ। (संवाददाता) पुराने लखनऊ में शनिवार को 21 रमजान का जुलूस निकला। नम आंखों से साथ अकीदतमंदों ने हजरत अली के ताबूत की जियारत किया। हजारों की तादाद में शिया समुदाय काले कपड़ों में नंगे पांव शामिल हुए। जुलूस से पहले रुस्तमनगर स्थित पुराना नजफ पर शिया धर्म गुरु मौलाना यासूब अब्बास ने मजलिस पढ़ी। मजलिस के बाद मातम करते हुए ताबूत लेकर अकीदतमंद निकले।
ताबूत की जियारत करने के लिए सुबह से ही हजारों की तादाद में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे मौजूद हैं। भीड़ में हर व्यक्ति ताबूत को छूना और चूमना चाह रहा था। या अली मौला-हैदर मौला का नारा लगाते हुए अकीदत मंद आगे बढ़ रहे थे। जुलूस सआदत गंज से होते हुए कर्बला दियानुतदौला, काजमैन, गिरधारी सिंह इंटर कालेज, बलोच पूरा चौराहा, हैदरगंज पहुंचा। परम्परा के मुताबिक एक कुएं के पास कुछ पलों के लिए ताबूत को रोका और काली चादर चढ़ाई। इसके बाद ताबूत कर्बला तालकटोरा के लिए रवाना हुआ।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि 21 रमजान के जुलूस पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। 10 कंपनी पीएसी जवान, 2 कंपनी RRF जवान, पुलिस मुख्यालय से 50 गजटेड अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अन्य जनपदों से फोर्स बुलाई गई है। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
1 हजार सिपाही मुस्तैद हैं। 98 स्थान पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है। छत के ऊपर से जवान जुलूस की निगरानी कर रहे हैं। 72 संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही AI टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन कैमरा से पूरे जुलूस की निगरानी की जा रही है। इस कैमरे में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति तुरंत कैद हो जाएगा। ऐटीएस के जवान भी मुस्तैद है।




