August 8, 2026 4:50 am

भारतीय सेना के जवान को टप्पेबाजों ने बनाया निशाना, खाते से पार की लाखों की नकदी

लखनऊ। (संवाददाता) टप्पेबाजों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब सेना के जवानों को भी निशाना बना रहे हैं। असम राज्य में तैनात सेना के जवान कानपुर नगर निवासी अमोल पुत्र नारायण छुट्टी पर ट्रेन के जरिए घर लौट रहे थे कि जैसे ही वह चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरे कि दो अनजान व्यक्ति उनसे पटना जाने वाली ट्रेन के बारे में पूछा।

अमोल को अपने घेरे में लेते हुए दोनों अनजान शख्स साथ-साथ चल दिए। अमोल नाका हिंडोला थाना क्षेत्र स्थित कोटक एटीएम बूथ पर एकाउंट चेक करने लगे कि बदमाशों ने कोड नंबर झांसे में लेकर उनका एटीएम और मोबाइल फोन लेकर फुर्र हो गए।
आर्मी जवान अमोल को उस समय एहसास हुआ जब उनके बैंक खाते से दो लाख 80 हजार निकल गए।

यह माजरा देख अमोल पहले जीआरपी थाने गया तो वहां की पुलिस ने यह कहकर टरका दिया कि मामला थाना नाका हिंडोला क्षेत्र का है। बेबस जवान उम्मीद लेकर कोतवाली की दहलीज पर कदम रखा और प्रार्थना पत्र वहां पर तैनात पुलिसकर्मियों को थमाया तो कुछ देर बाद ही नाका पुलिस भी टरकाने की कोशिश की और घंटों सेना के जवान को बैठाया गया। पुलिस की रवैया देख अमोल यह कहते हुए उठकर जाने लगा कि अब बड़े अफसरों के पास ही जाना होगा। लिहाजा काफी जद्दोजहद के बाद नाका हिंडोला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन बदमाशों का पता लगाने के बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठे गई। पुलिस ने यह व्यवहार किसी आम आदमी के साथ नहीं बल्कि देश की रक्षा करने वाले जवान के साथ किया।

कानपुर नगर जिले के सचैडी थाना क्षेत्र स्थित मंगदपुर निवासी अमोल पुत्र नारायण असम राज्य की सीमा पर भारतीय सेना में तैनात हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में उन्होंने बताया कि वह छुट्टी लेकर ट्रेन के जरिए वापस घर लौट रहे थे कि जैसे ही चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरे तो उनसे दो अनजान व्यक्ति पटना जाने वाली ट्रेन के बारे में पूछा।

अमोल यह कहते हुए आगे बढ़े कि अनजान व्यक्ति भी उनके साथ हो लिए और दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए पूरी तरह से झांसे में लेने के बाद दोनों अनजान व्यक्तियों ने उनका मोबाइल फोन व एटीएम कार्ड लेकर भाग निकले। अमोल को उस समय एहसास हुआ जब उसके बैंक खाते से दो लाख 80 हजार रुपए निकल गए।

इंडियन आर्मी जवान अमोल के साथ हुई घटना के बाद इंस्पेक्टर नाका हिंडोला और उनके मातहत इस कदर लापरवाही बरतते नजर आए की ऐसा लग रहा है पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों का फरमान उनके लिए कोई मायने नहीं रखता। आर्मी जवान अमोल को घंटों थाने की दहलीज पर बैठाए रखा। अमोल पुलिस की रवैया देख अफसरों तक पहुंचने की बात की तब जाकर नाका हिंडोला पुलिस नींद से जागी और काफी जद्दोजहद के बाद पीड़ित आर्मी जवान अमोल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।

63
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!