लखनऊ। (संवाददाता) मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण के फरमान के बाद भी यूपी में तैनात कुछ दागी पुलिसकर्मी वर्दी के दामन पर दाग़ लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बीते दिनों अलग-अलग जिलों में रिश्वतखोरी एवं घुस खोरी का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब के अमेठी जिले के शुकुल बाजार स्टेशन अफसर का घिनोना करतूत सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
यहां के खालिस बाहर पुर गांव में दस दिन पहले हुई मारपीट के एक मामले में एसओ अभिनेष कुमार पीड़ित की फरियाद सुनने के बजाए उसे ही कठघरे में खड़ा कर दिया और मोटी रकम ऐंठने की मांग शुरू कर दी। अपने प्रतिनिधि को हवालात में देख ग्राम प्रधान रामराज पासी ने छोड़ने के लिए सिफारिश की, लेकिन लालची थाना प्रभारी वर्दी की अहमियत दरकिनार कर तीन किस्तों में मोटी रकम ऐंठ लिया।
पुलिस अफसरों को दी गई तहरीर में ग्राम प्रधान रामराज पासी का आरोप है कि गांव के ही उनके प्रतिनिधि अनिल दुबे द्वारा स्टेशन अफसर के एक करीबी के खाते में यूपी आई से बीस हजार, दस हजार और नौ हजार रुपए की तीन किस्तों में में दिया गया,।साथ ही ग्यारह हजार रुपए की नकदी भी दिए।
इस मामले की सूचना जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो मानो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि खालिस बाहर पुर गांव में दस दिन पहले किसी पुरानी रंजिश को दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस दौरान राजेंद्र सिंह और अनिल दुबे आमने-सामने आ गए। पुलिस ने राजेंद्र सिंह की तहरीर पर अनिल दुबे सहित कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
उधर ग्राम प्रधान राम राज ने भी अपने पक्ष से मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। आरोप है कि इस दौरान कार्रवाई करने के लिए रुपयों की मांग की। बताया जा रहा है कि अनिल दुबे ने थाने से जुड़े एक व्यक्ति के खाते में यह रकम भेजी थी, जिसके लेन-देन के साक्ष्य अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। वहीं इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है, लिहाजा सही पाए जाने पर किसी भी सूरत में आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि यूपी पुलिस विभाग में यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई दागी पुलिसकर्मी वर्दी पर दाग लगा चुके हैं। अभी हाल ही में राजधानी लखनऊ के महानगर कोतवाली क्षेत्र स्थित पेपर मिल पुलिस चौकी प्रभारी को घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा था। यह मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब अमेठी जिले के शुक्ल बाजार स्टेशन अफसर का नाम सुर्खियों में आ गया।




