लखनऊ। (संवाददाता) गांवों से लेकर शहरों की बड़ी-बड़ी इमारतों में धावा बोलकर बेखौफ चोर लोगों की गाढ़ी कमाई बटोर फुर्र हो जा रहे और स्थानीय पुलिस गश्त और चेकिंग अभियान चलाने का दावा करती रह जाती है, नतीजतन चोर या लुटेरों ने जब चाहा और जहां चाहा घटना को अंजाम दिया। कानून-व्यवस्था के रखवाले कहां हैं यह तो वही जानें पर सिलसिलेवार हो रही घटनाओं ने हर किसी को दहशत के साए में जीने के लिए मजबूर कर रही है।
बताते चलें कि बीबीडी थाना क्षेत्र के उत्तर धौना गांव के पास बसी साईं रेजीडेंसी निवासी स्वीटी तिवारी एक निजी अस्पताल में बतौर नर्स के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है बीते 24 अक्टूबर 2025 को स्वीटी तिवारी रात को ड्यूटी पर चलीं गईं थीं। दूसरे दिन ड्यूटी से वापस घर लौटीं तो उनके होश उड़ गए देखा दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और घर में सारा सामान बिखरा हुआ था। बेख़ौफ़ चोरों ने घर में रखी नकदी और गहने बटोर फुर्र हो गए।
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यह माजरा देख पीड़िता ने इसकी सूचना डायल 112 पर दी। डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुंचे और इस मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।
पीड़िता स्वीटी तिवारी बीबीडी थाने की दहलीज पर कदम रखा और प्रार्थना पत्र इंस्पेक्टर बीबीडी को थमाया। बस यहीं से पुलिसिया लापरवाही शुरू हो गई। पुलिस ने कहा आप जाइए बीट दरोगा जी अभी पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पीड़ित स्वीटी तिवारी हाथ में तहरीर लिए दौड़ लगा रही थी और बीबीडी पुलिस टरकाती रही।
लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया के जरिए यह बात जिम्मेदार अफसरों तक पहुंची तो मानो उनका गुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया और जमकर इंस्पेक्टर बीबीडी को जमकर फटकार लगाई। आखिरकार पूरी तरह से फजीहत होने के बाद तीन नवंबर 2025 को पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की।
पुलिस की गश्त और कार्यशैली पर गौर करें तो इससे पहले 30 मार्च 2024 को भी साईं रेजीडेंसी में रहने वाले पुरषोत्तम साहू के घर चोरी हुई थी।




