मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के विकास खंड माल की अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलन में आज शनिवार को ग्राम प्रधान एवं सचिव के द्वारा कराए गए विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं एवं भेदभाव के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में सांस्कृतिक गौरव संस्थान, लखनऊ के जिला अध्यक्ष श्री संतोष सिंह–तिलन द्वारा संस्था के आधिकारिक लेटर पैड पर एक प्रभावी ज्ञापन आईएएस अधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट श्री रमेश चंद्र वर्मा को सौंपा गया, जो वर्तमान में विकास खंड माल में खंड विकास अधिकारी का दायित्व भी निभा रहे हैं।
शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत में नाली, सड़क एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य मतदान के आधार पर चयनित मोहल्लों तक ही सीमित कर दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में वर्तमान ग्राम प्रधान असलम को अपेक्षित समर्थन प्राप्त नहीं हुआ, वहां जानबूझकर विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं, जबकि उन मोहल्लों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार कई मोहल्लों में नालियों का निर्माण न होने के कारण वर्षा एवं घरेलू जल की निकासी बाधित है, जिससे गलियों में जलभराव, कीचड़ और गंदगी की स्थिति बनी रहती है। इसका सीधा प्रभाव महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है, साथ ही संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी निरंतर बढ़ रही है।
सांस्कृतिक गौरव संस्थान के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह–तिलन द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम पंचायत के सभी प्रभावित स्थलों का निष्पक्ष स्थलीय निरीक्षण कराते हुए शीघ्र नाली निर्माण सहित आवश्यक विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाए। साथ ही विकास कार्यों में अपनाए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये पर तत्काल रोक लगाए जाने एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उल्लेखनीय है कि आईएएस अधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट श्री रमेश चंद्र वर्मा ने इस ज्ञापन को बड़ी आत्मीयता एवं गंभीरता के साथ ग्रहण किया और प्रकरण पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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संस्थान का स्पष्ट कहना है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्य समानता, आवश्यकता और जनहित के आधार पर होने चाहिए, न कि राजनीतिक द्वेष या वोट की राजनीति के आधार पर। यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीणों में असंतोष और रोष और अधिक बढ़ सकता है। जबकि कई बार इस समस्या की शिकायत ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी से लेकर जिले के उच्च अधिकारियों तक करने के बावजूद भी रिश्वतखोरी एवं भ्रष्टाचारी अधिकारियों कर्मचारी ने अभी तक की समस्या का ध्यान न देकर यह लोग अपनी-अपनी घोटाला करके अपनी अपनी जेब भरने का काम कर रहे थे इसलिए इस ग्राम सभा की समस्या का समाधान नहीं हो सका जिसके लिए यह संस्थान ने यह कदम विकास करने के नाम पर उठाया है इस समस्या की जांच निष्पक्ष अधिकारियों द्वारा कराए जाने की मांग की है।




