सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे
नाराज लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया
तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
अज्ञात अराजकतत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
ए अहमद सौदागर लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र के बहरू गांव में स्थापित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को किसी अराजक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने से गहरा आक्रोश फैल गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। डॉ भीमराव अंबेडकर मूर्ति मूर्ति तोड़े जाने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। अराजकतत्वों ने स्थापित मूर्ति को खंडित कर मौके से भाग निकले। इस घटना ने इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहा है कि यह सिर्फ एक तोड़फोड़ की घटना नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है।
पुलिस मौके पर मौजूद दलित समाज के लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया, लेकिन दलित समाज में घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर माहौल बिगाड़ने वाले अराजकतत्वों की तलाश की जा रही है। वहीं बहरू गांव में तनाव को देखते हुए वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पूरे घटनाक्रम पर एक नजर
काकोरी थाना क्षेत्र स्थित बहरू गांव में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। बताया जा रहा है कि रोज की तरह स्थानीय लोग स्थापित बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास गए तो देखा कि प्रतिमा खंडित कर दिया गया है।
यह मंजर देख दलित समाज के लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा है सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हो नारेबाजी कर मूर्ति तोड़ने वाले लोगों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने की खबर मिलते ही पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर दलित समाज के लोग, मौके पर एकत्र हो गए। उनकी आंखों में गुस्सा और निराशा साफ झलक रही थी। उन्होंने इस कृत्य को मनुवादी मानसिकता का प्रतीक बताया और कहा कि ऐसे तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह घटना दलित समाज को उकसाने और उन्हें निशाना बनाने की एक सुनियोजित चाल है ।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने नाराज़ स्थानीय लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया।
वहीं पुलिस के उच्च अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंची पुलिस पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, ग्रामीणों से बातचीत की और सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने खंडित प्रतिमा का भी जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस अफसरों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। तब जाकर नाराज प्रदर्शनकारी शांत हुए। पुलिस अफसरों के मुताबिक वहीं एहतियात के तौर पर वहां पुलिस तैनात किया गया है।




