ए अहमद सौदागर लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने कृषि भूमि के फर्जी बैनामे से जुड़े एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। यह प्रकरण ग्राम उदयपुर निगोहां स्थित कृषि योग्य भूमि के कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अवैध विक्रय से संबंधित है।
इंस्पेक्टर मोहनलालगंज बृजेश त्रिपाठी के अनुसार, थाना मोहनलालगंज में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता विमला सिंह, पत्नी स्वर्गीय अवधराज सिंह ने शिकायत की थी कि उनके दिवंगत पति के नाम दर्ज भूमि का फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बैनामा करा लिया गया है।
जांच में सामने आया कि गाटा संख्या 296, रकबा 0.449 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में स्वर्गीय अवधराज सिंह और लता स्नेहलता वर्मा के नाम सह-खातेदार के रूप में दर्ज थी। अवधराज सिंह की मृत्यु 16 फरवरी 2023 को हो चुकी थी। अभियुक्तों ने एक अज्ञात व्यक्ति को अवधराज के रूप में प्रस्तुत कर 18 जुलाई 2024 को लगभग 17 बिस्वा भूमि का बैनामा करा दिया।
विवेचना में यह भी पाया गया कि राजकुमार, ज्ञानेन्द्र राजपूत, कमल यादव, सर्वेश और हरिशंकर उर्फ शंकर ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी आधार कार्ड, फर्जी फोटो, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी गवाह का इस्तेमाल किया। बैनामे की धनराशि प्राप्त करने के लिए मृतक के नाम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कल्ली पश्चिम में एक फर्जी खाता भी संचालित किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में भूमि क्रेता हेतराम पाल, निवासी शारदा नगर, आशियाना, लखनऊ स्वयं ठगी का शिकार हुए। उन्होंने भूमि क्रय के लिए कुल 7 लाख 20 हजार रुपये चेक और नकद के माध्यम से दिए, जिसे अभियुक्तों ने धोखाधड़ी से हड़प लिया।
पुलिस ने पहले ही अभियुक्त राजकुमार, ज्ञानेन्द्र राजपूत और सर्वेश को गिरफ्तार कर लिया था। इसी क्रम में 7 फरवरी 2026 को मोहनलालगंज पुलिस टीम ने अभियुक्त हरिशंकर उर्फ शंकर को थाना पीजीआई क्षेत्र स्थित गणपति स्वीट्स के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, और अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है।




