अयोध्या। (संवाददाता) अयोध्या नगर निगम के झलकारी बाई वार्ड के अंतर्गत कुट्टीया -कुशमाहा स्थित आवासीय इलाके में तहसील सदर प्रशासन द्वारा बाउंड्री वॉल और निकास मार्ग (सड़क/गली) को लेकर प्रस्ताव में किए जा रहे परिवर्तन को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराज़गी पनपने लगी है। यह इलाका महर्षि बाल्मीकि एयरपोर्ट के बगल में है और यहाँ से गुज़रने वाले रास्तों पर पहले प्रशासन ने एक निश्चित प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें बाउंड्री वॉल के दक्षिण से उत्तर दिशा और बाउंड्री वाल के दक्षिण से निकास सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया था ताकि आवासीय क्षेत्र में आने-जाने में सुव्यवस्था बनी रहे।
विश्वत सूत्रों के अनुसार, पारित प्रस्ताव में अचानक बदलाव कर दिया गया, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
रास्ते के बदलाव से आवासीय क्षेत्र के निवासियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और सीधा निकास रास्ता बाधित होगा, यही वजह है कि स्थानीय लोगों में इसका विरोध बढ़ रहा है। ग्रामीण व आवासीय क्षेत्र के कई लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना प्रभावी सर्वे और स्थानीय हितों को ध्यान में रखे यह निर्णय लिया है,जिससे खासकर बुज़ुर्ग, छात्र को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया में कई लोगों ने कहा है कि पहले प्रस्ताव में जो निकास स्थान निश्चित किया गया था, वह सभी के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित था। इसके विपरीत नया प्रस्ताव बहुत ही जटिल है।इससे आवागमन प्रभावित होगा।
झलकारी बाई वार्ड पार्षद गीता के नेतृत्व में तहसील में ज्ञापन दिया गया कि प्रस्ताव में रास्ते में किसी तरह बदलाव न किए जाने की मांग की गयी।
नागरिकों का कहना है कि यदि पहले प्रस्ताव के अनुसार मार्ग व निकास सुनिश्चित रह जाता, तो यह क्षेत्र और नागरिकों के लिए बेहतर रहेगा।
नगर निगम के इस बाउंड्री वॉल और निकास मार्ग प्रस्ताव परिवर्तन से जुड़े विवाद पर अब स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक की मांग उठ रही है। लोग चाह रहे हैं कि पारदर्शिता के साथ पुनः विचार-विमर्श कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए, जिससे न सिर्फ आवागमन सुगम रहे बल्कि सामाजिक व शहरी योजना हितों को भी संतुलित रखा जा सके।




