सफेदाबाद क्षेत्र स्थित असैनी मोड़ पर बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बीते कुछ सालों पहले सरकारी मुलाजिम सैफ हैदर व दो सीएमओ की तर्ज पर 13 फरवरी 2026 यानी शुक्रवार को बाराबंकी शहर से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित असैनी मोड़ पर गदिया गांव निवासी अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ चार दिन गुजरने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
पुलिस की टीमें हत्याकांड का खुलासा करने के लिए जमीनी मुखबिर तंत्र से लेकर सर्विलांस का सहारा लेकर गहन पड़ताल की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
हालांकि पुलिस अधिवक्ताओं ने पुलिस को अल्टीमेटम दिया था कि कातिल नहीं मिले तो वह सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। अल्टीमेटम के बाद पुलिस की टीमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन कड़वा सच यह है पुलिस ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर बॉबी को मारने वाले बदमाशों की गर्दन तक पहुंचने में नाकाम साबित हुई।
इस मामले में एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय का कहना है कि इस मामले में गहनता से छानबीन की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।
सनद रहे कि बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के सफेदाबाद क्षेत्र स्थित असैनी मोड़ शुक्रवार को दिनदहाड़े गदिया गांव निवासी अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी के सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया गया था।
इस सनसनीखेज मामले की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी और वकीलों का ग़ुस्सा फूट पड़ा था और पुलिस अफसरों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, लेकिन चार दिन बाद ही बेअसर साबित हुआ।
बताया जा रहा है कि सरेराह घटना को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती देने वाले बदमाशों को ढूंढने में पुलिस की पांच टीमें लगाई गई और टीम अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग दिशाओं में डेरा डाले हुए है।




