ए अहमद सौदागर लखनऊ। खुद को एटीएस का अधिकारी बताकर एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा कर लखनऊ की साइबर थाने की पुलिस ने सोमवार को दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने खुद को एटीएस का अफसर बनकर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्तता का आरोप लगाकर डराया-धमकाया फिर वीना वाजपेई नाम की महिला के खाते से 90 लाख रुपए की ठगी कर ली।
साइबर क्राइम के डीसीपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को वीना वाजपेई के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताया। कहा कि आप आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त हैं। यह सुनते ही वह घबरा गई और भयभीत होकर अपनी जीवन भर की कमाई गंवा बैठी। बताया जा रहा है कि जालसाजों ने दो-तीन बार में पीड़ित महिला के खाते से 90 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
डीसीपी कमलेश दीक्षित के मुताबिक पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर साइबर थाने की पुलिस ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपितों ने पूछताछ में अपना नाम मनोज यादव व जितेंद्र यादव उर्फ जीतू बताया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान राज्य के रहने वाले हैं। निरीक्षक विकास कुमार सिंह ने बताया इससे पहले इस गिरोह में शामिल गोरखपुर निवासी मयंक श्रीवास्तव, गाजियाबाद निवासी इरशाद व दिल्ली निवासी मनीष को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।




