August 8, 2026 2:59 am

इनिशिएटिव फाउंडेशन और यूपीसीईजी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सामूहिक संवाद’ का आयोजन: गूँजी महिलाओं के अधिकारों की आवाज़

लखनऊ। (संवाददाता) इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया और यूपीसीईजी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पारा क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके में महिलाओं और किशोरियों की आवाज़, अधिकार और नेतृत्व विषय पर एक सामूहिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

संस्था टीम में राबिया, हेमा, वैभवी, संध्या, संगीता, श्रद्धा, पिंकी श्रृष्टि, आकांक्षा, अर्पिता, मुस्कान, सविता, अल्सिफा सहित 100 से अधिक महिलाओं एवं किशोरियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में अमित मिश्रा निदेशक इनिशिएटिव फाउंडेशन ने कहा कि “Give To Gain’ केवल एक थीम नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। जब हम महिलाओं को अवसर, समय और संसाधन उपलब्ध कराते हैं, तो पूरा समाज लाभान्वित होता है। 100 से अधिक महिलाओं की सहभागिता सकारात्मक बदलाव की मजबूत आहट है। विरेंद्र कुमार त्रिपाठी (सिनियर अधिवक्ता हाईकोर्ट) इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का संदेश है सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई। आज भी अनेक महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों से अनजान हैं। कानूनी जागरूकता सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है और न्याय तभी संभव है जब जागरूकता के साथ ठोस कार्रवाई की जाए। शालिनी शुक्ला सामाजिक कार्यकर्ता जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। आज की किशोरियों की आँखों में दिखाई दे रहा आत्मविश्वास ही वास्तविक परिवर्तन का संकेत है। विनय कुमार सिनियर एसआई थाना पारा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हर महिला को सम्मान और न्याय मिले, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। पुलिस हर परिस्थिति में महिलाओं के साथ खड़ी है। कुमारी वर्तिका (15) किशोरी नेता ने कहा कि उम्र नहीं, हिम्मत मायने रखती है। हर लड़की की आवाज़ में ताकत है। मैं वकील बनकर महिलाओं के अधिकारों के लिए कार्य करना चाहती हूं। कुमारी नेहा (17) कम्युनिटी लीडर ने कहा कि हम नई पीढ़ी की लड़कियां हैं। हम सवाल पूछती हैं, आगे बढ़ती हैं और सकारात्मक बदलाव लाने का साहस रखती हैं। एकजुट होकर महिलाएं हर चुनौती का सामना कर सकती हैं। गर्ल्स लीडर पुष्पा और अंशी ने शिक्षा, आत्मविश्वास और एकजुटता को परिवर्तन का आधार बताया। कार्यक्रम में किशोरी नेतृत्व संवाद, कानूनी जागरूकता सत्र, प्रेरक महिलाओं का सम्मान तथा सामुदायिक सशक्तिकरण प्रतिज्ञा प्रमुख आकर्षण रहे।

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