जौनपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, खोला लूट की घटना का राज, डीजीपी ने की सराहना
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी पुलिस का यक्ष ऐप घटनाओं को सुलझाने में मुफीद होनें लगा है। इसकी मदद से जौनपुर पुलिस ने मात्र कुछ ही घंटों में लूट की घटना का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के नेतृत्व में परिकल्पित एवं विकसित यक्ष ऐप राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार के रूप में उभर रहा है।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि इस एप्लीकेशन का औपचारिक शुभारंभ यूपी के मुख्यमंत्री द्वारा “पुलिस मंथन” कार्यक्रम के दौरान किया गया था, जो तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि राज्यव्यापी अपराधियों के डिजिटल डाटाबेस, स्थान आधारित सीसीटीवी कैमरों की पहचान तथा त्वरित विश्लेषणात्मक उपकरणों जैसी विशेषताओं से सुसज्जित यक्ष ऐप पुलिस इकाइयों को अपराधों के शीघ्र अनावरण एवं विवेचना में अत्यंत प्रभावी सहयोग प्रदान कर रहा है।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि जौनपुर जिले का एक हालिया उदाहरण यह दर्शाता है कि किस प्रकार यक्ष ऐप ने गंभीर अपराध के शीघ्र अनावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि 11 मार्च 2026 को जनपद जौनपुर में लूट की घटना के साथ गोली लगने की सूचना प्राप्त हुई। घटना की सूचना मिलते ही जौनपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की तथा विवेचना के दौरान यक्ष ऐप की तकनीकी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग किया।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि विवेचना के दौरान यक्ष ऐप की सहायता से पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की त्वरित पहचान की।पुलिस टीमों द्वारा इन कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं घटना से पहले और बाद में अपराधियों के संभावित मार्ग का पता चला। मार्ग विश्लेषण के आधार पर तीन संभावित थाना क्षेत्रों की पहचान हुई, जहाँ से अपराधियों के आने की संभावना थी—थाना केराकत, थाना चंदवक तथा थाना गौराबादशाहपुर।यक्ष ऐप के डाटाबेस के माध्यम से इन तीनों थाना क्षेत्रों में पूर्व में लूट व छिनैती के मामलों में संलिप्त 232 अपराधियों का विवरण प्राप्त किया गया।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि
इन संदिग्ध व्यक्तियों के फोटो एवं हुलिये पीड़ित को दिखाए गए, जिसके आधार पर कुछ ही घंटों के भीतर लूट की घटना में शामिल तीन अपराधियों की सटीक पहचान कर ली गई।यक्ष ऐप में अपराधियों के मल्टी-एंगल फोटोग्राफ उपलब्ध होने के कारण पीड़ित के लिए आरोपियों की पहचान करना अत्यंत आसान हो गया।
प्रत्येक अपराधी को दिया गया यूनिक आईडी-राहुल श्रीवास्तव
यक्ष ऐप की प्रमुख विशेषताएँ
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव बताते है कि पुलिस इकाइयों के लिए उपलब्ध राज्यव्यापी अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस व त्वरित साक्ष्य संकलन हेतु सीसीटीवी कैमरों का स्थान आधारित मानचित्रण प्रत्येक अपराधी को दिया गया यूनिक क्रिमिनल आईडी, जिससे जिलों के बीच सूचनाओं का सहज आदान-प्रदान संभव व सटीक पहचान के लिए अपराधियों के मल्टी-एंगल फोटोग्राफिक रिकॉर्ड व पारंपरिक रजिस्टर से डिजिटल पुलिसिंग की ओर व पूर्व में किसी अपराध की घटना के बाद विवेचकों को संबंधित क्षेत्र के पुराने अपराधियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए थानों में संचालित विलेज क्राइम नोट बुक (रजिस्टर संख्या–08) पर निर्भर रहना पड़ता था।यक्ष ऐप के माध्यम से अब विवेचक राज्यभर के अपराधियों का डाटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तुरंत प्राप्त कर सकते हैं, जिससे विवेचना की गति और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मल्टीप्लायर की भूमिका निभा सकती पुलिस: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण नें बताया कि जौनपुर की लूट की घटना का सफल अनावरण इस बात का उदाहरण है कि तकनीक किस प्रकार पुलिसिंग में फोर्स मल्टीप्लायर की भूमिका निभा सकती है। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस ऐसी पुलिसिंग व्यवस्था की ओर अग्रसर है, जहाँ पारंपरिक पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं।जहाँ एक ओर हमारे पुलिसकर्मी सड़कों पर फुट पेट्रोलिंग और ग्राउंड इंटेलिजेंस को सशक्त बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें यक्ष ऐप जैसे अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई आधारित उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है।राज्यव्यापी अपराधी डाटाबेस, सीसीटीवी मैपिंग और विश्लेषणात्मक क्षमताओं के माध्यम से यह ऐप अधिकारियों को कुछ ही मिनटों में अपराध की कड़ियों को जोड़ने में सक्षम बनाता है।उत्तर प्रदेश पुलिस विज़िबल पुलिसिंग और इंटेलिजेंट पुलिसिंग के इन दो स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए तेज़ अपराध अनावरण और नागरिकों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”पुलिस महानिदेशक नें डीआईजी रेंज वाराणसी वैभव कृष्ण, पुलिस अधीक्षक जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह एवम् उनकी समस्त पुलिस टीम को इस केस के सफल वर्कआउट के लिए बधाई दी गई है।




