लखनऊ। (संवाददाता) चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, लखनऊ के चंदन हॉस्पिटल ने उत्तर प्रदेश में पहली बार एक जटिल साइनस वेनोसस एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (Sinus Venosus ASD) का ‘डिवाइस क्लोजर’ तकनीक के माध्यम से सफल उपचार किया है। राज्य में इस तरह की यह पहली प्रक्रिया मानी जा रही है।
क्या है यह उपलब्धि?
आमतौर पर ‘साइनस वेनोसस ASD’ एक दुर्लभ और जन्मजात हृदय दोष है, जिसे ठीक करने के लिए ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती है। हालांकि, चंदन हार्ट इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों ने इसे एक उन्नत कैथेटर-आधारित डिवाइस क्लोजर तकनीक के जरिए सफलतापूर्वक बंद कर दिया।
यह सफल उपचार चंदन हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. रितेश पांडे, डॉ. सौरव कुमार और डॉ. सजीत वर्मा के सहयोग से संपन्न हुआ।
मरीज को लाभ: इस आधुनिक तकनीक (Minimally Invasive) की वजह से मरीज को कम दर्द हुआ और उसे अस्पताल में बहुत कम समय रुकना पड़ा। ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में इसमें रिकवरी काफी तेज होती है।
नया कीर्तिमान: यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में आधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव हृदय उपचार की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
चंदन हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. मोहम्मद फर्रुख अंसारी ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की उन्नत कार्डियक विशेषज्ञता और मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।




