लखनऊ। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय कुलपति पुरस्कार 2025 की घोषणा, विश्वविद्यालय के 30 कर्मचारी होंगे सम्मानित, विश्वविद्यालय का सर्वोच्च पुरस्कार ‘शिक्षा-विभूषण पुरस्कार’ लखनऊ परिसर के प्रो. गुरुचरण सिंह नेगी एवं ‘कर्मयोग-भूषण’ पुरस्कार लखनऊ परिसर के ही श्री गुरु प्रसाद होंगे सम्मानित।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा 2022 से शुरू किये गये कुलपति पुरुस्कार योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कुलपति पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित नामों की घोषणा की गयी। कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के नामों की घोषणा की। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर. जी. मुरलीकृष्ण ने बताया कि शैक्षणिक और अशैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों को विभिन्न श्रेणी में यह पुरुस्कार नवाचार, शोध, शास्त्र-संरक्षण के लिये प्रदान किया जायेगा। कुलपति पुरुस्कार में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सभी परिसर, आदर्श महाविधालय से चयनित 30 कर्मचारियों को सम्मानित किया जायेगा।
पुरस्कारों का विवरण 1.शिक्षा-विभूषण फैकल्टी ऑफ द ईयर लखनऊ परिसर के बौद्ध दर्शन विभाग के प्रो. गुरुचरण सिंह नेगी को इस वर्ष के सर्वोच्च ‘शिक्षा-विभूषण’ पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन्हे पुरस्कार स्वरूप ₹1,00,000 की सम्मान राशि प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
2. शिक्षा- श्री पुरस्कार राशि ₹50,000 (प्रत्येक)
विभिन्न मापदंडों के आधार पर चयनित शिक्षक नवाचार कार्यक्रम डिजाइन प्रो. लीना सक्करवाल छात्र कल्याण अधिष्ठाता दिल्ली मुख्यालय, डॉ. विजयानंद अडिगा बी. श्रृंगेरी परिसर, एवं डॉ. कांता गलानी जयपुर परिसर। अनुसंधान एवं प्रकाशन डॉ. शशिभूषण मिश्रा श्री सीताराम वैदिक आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, कोलकाता। शैक्षणिक प्रशासनिक सेवा डॉ. अरुण कुमार हिमाचल आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, जांगला। सरल मानक संस्कृत डॉ. जी. नरसिंहुलु भोपाल परिसर,एवं डॉ. रमाकांत सा श्री सदाशिव परिसर, पुरी। सामुदायिक सेवा डॉ. मदन कुमार झा जम्मू परिसर, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियाँ डॉ. उत्तम सिंह अगरतला परिसर।
3.शिक्षा-भूषण पुरस्कार गुरुकुल पद्धति में शास्त्र शिक्षण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु निम्नलिखित विद्वानों का चयन किया गया है:
प्रो. गणेश ईश्वर भट (श्रृंगेरी परिसर), डॉ. पी. आर. वासुदेवन (मद्रास संस्कृत कॉलेज, चेन्नई), डॉ. पवन व्यास (भोपाल परिसर), डॉ. पुष्कर देवपुजारी (कालिकट आदर्श संस्कृत विद्यापीठ, कोझिकोड), के. वेंकटेश मूर्ति (श्रृंगेरी परिसर) एवं डॉ. जनार्दन सुबेदी (देवप्रयाग परिसर)। इन्हे पुरुस्कार राशि: ₹60,000 (प्रत्येक) प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
4. शिक्षा-योगी पुरस्कार राशि: ₹50,000 (प्रत्येक) शैक्षणिक गतिविधियों में विशेष सहयोग हेतु सुधांशु सोनी (प्रोफेशनल असिस्टेंट, अगरतला परिसर) एवं संजय कुमार शर्मा लाइब्रेरी पंडित, दिल्ली मुख्यालय।
गैर शैक्षणिकसंवर्ग Non-Teaching हेतु गैर-संकाय उत्कृष्टता पुरस्कार
कार्यालय कार्यों में हिंदी-संस्कृत के प्रयोग, डिजिटल दक्षता और सत्यनिष्ठा के लिए निम्नलिखित कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
1.कर्म योग विभूषण – कृष्णकुमार के. टी. उप निदेशक-प्रशासन, दिल्ली मुख्यालय। ₹31,000 प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
2.कर्म योग भूषण – पापिया दास, अनुभाग अधिकारी, दिल्ली, आशीष कुमार (अनुभाग अधिकारी, दिल्ली), गुरु प्रसाद (सहायक, लखनऊ परिसर) एवं दिनेश रंगा सिस्टम एनालिस्ट, दिल्ली। ₹21,000 प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
3.कर्म योग श्री अनीता नेगी (यूडीसी, दिल्ली), डॉ. गुरुराज (एलडीसी, बेंगलुरु), महेश कुमार (एमटीएस, दिल्ली), विनीश पी. वी. (एमटीएस, गुरुवयूर), प्रीतम घोष (डेटा एंट्री ऑपरेटर, अगरतला), विजय (सफाई कर्मचारी, जम्मू) एवं पवन सोनी स्टाफ कार ड्राइवर, दिल्ली इन्हे ₹11,000 प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने कुलपति पुरस्कार 2025 की घोषणा पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार योजना विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता, समर्पण एवं नवाचार की परम्परा को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि माननीय कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के नेतृत्व में प्रारंभ की गई यह पहल न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के योगदान को भी समान रूप से सम्मानित कर संस्थान में कार्य संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।
निदेशक महोदय ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ परिसर के बौद्ध दर्शन विद्याशाखा के आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. गुरुचरण सिंह नेगी का ‘शिक्षा-विभूषण’ जैसे सर्वोच्च सम्मान हेतु चयन, परिसर के लिए अत्यन्त गौरव का विषय है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि समस्त परिसर परिवार के लिए प्रेरणास्रोत भी है। इसी प्रकार परिसर के अनुभाग अधिकारी (प्रभारी) श्री गुरु प्रसाद को भी ‘कर्म योग भूषण’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनके तीन दशकों से अधिक समय तक परिसर में उनके द्वारा दी गई सेवा, कर्तव्यनिष्ठा एवं इमानदारी का परिणाम है। प्रो. झा ने कहा कि इस प्रकार के पुरस्कारों से कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठ होकर काम करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न श्रेणियों में चयनित सभी विद्वानों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान दिया है, जिससे संस्कृत भाषा, शास्त्र परम्परा, शोध एवं प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा मिली है। इस प्रकार के सम्मान न केवल प्रतिभाओं को पहचान प्रदान करते हैं, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रेरित करते हैं।
अन्त में निदेशक महोदय ने सभी चयनित प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी इसी समर्पण एवं निष्ठा के साथ राष्ट्र एवं समाज के हित में कार्य करते रहेंगे तथा विश्वविद्यालय की गरिमा को और अधिक ऊँचा उठाएंगे।




