औरास, उन्नाव (संवाददाता): विकास खंड औरास के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचम खेड़ा (लोधई) सहित करीब एक दर्जन गांवों में पिछले कई दिनों से मोबाइल नेटवर्क न आने के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम इन गांवों में दम तोड़ती नजर आ रही है। नेटवर्क गायब रहने से जहां बैंकिंग और ऑनलाइन कामकाज ठप पड़े हैं, वहीं छात्रों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
नेटवर्क की समस्या ने क्षेत्र के जवन, राई मिचलौला, समदपुर, अदौरा, गौरी कला, कोयलिया खेड़ा, सरैया और कोरो कल्याण जैसे गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि फोन पर बात करना तो दूर, साधारण मैसेज तक नहीं जा पा रहे हैं। नेटवर्क की ‘लुकाछिपी’ के कारण जरूरी सूचनाएं समय पर न मिलने से लोगों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
क्षेत्र के उपभोक्ता संतोष ब्रवीसन, रामचंद्र, मोती, सियाराम, श्यामू रावत, सरवर खान और अजीत सिंह शर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि टेलीकॉम कंपनियां हर महीने रिचार्ज के दाम तो बढ़ा रही हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर शून्य नेटवर्क मिल रहा है।
“नेटवर्क न आने से हम अपनों से कटे हुए महसूस करते हैं। अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो एम्बुलेंस बुलाना भी दूभर हो जाता है। कंपनी और प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।” — एक पीड़ित ग्रामीण उपभोक्ता
प्रमुख बिंदु:
प्रभावित क्षेत्र: पंचम खेड़ा, सरैया, जवन, समदपुर, अदौरा, कोरो कल्याण आदि। मुख्य समस्या: कॉल ड्रॉप, इंटरनेट पूरी तरह ठप और इमरजेंसी सेवाओं में भारी बाधा। ग्रामीणों की मांग: टेलीकॉम टावरों का तत्काल रखरखाव और नेटवर्क कवरेज का विस्तार।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जियो, एयरटेल व वोडाफोन जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों से मांग की है कि टावरों को जल्द दुरुस्त कर कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि समस्या का तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो वे टावर मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।




