हसनगंज, उन्नाव। (संवाददाता) उत्तर प्रदेश सरकार की ‘गड्ढा मुक्त सड़क’ योजना को उन्नाव के हसनगंज क्षेत्र में विभागीय लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी ने पलीता लगा दिया है। क्षेत्र के रहमली नगर मार्ग पर अभी तीन दिन पहले ही सड़क का डामरीकरण हुआ था, लेकिन पहली बारिश या वाहनों के दबाव से पहले ही सड़क जर्जर होने लगी है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की जमकर अनदेखी की गई है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि हाथ से रगड़ने पर ही डामर और गिट्टियां अलग हो रही हैं
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर बिछाई गई डामर की परत 1 इंच भी नहीं है। घटिया सामग्री: निर्माण में प्रयुक्त सामग्री बेहद निम्न स्तर की बताई जा रही है।
आरोप है कि ठेकेदार ने केवल खानापूर्ति करने के उद्देश्य से रात-दिन एक कर सड़क तैयार की, जिसका परिणाम 72 घंटों के भीतर सबके सामने है।
ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश
सड़क की इस बदहाली को लेकर रहमली नगर मार्ग के निवासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद सड़क बनी थी, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से यह कुछ दिन भी नहीं टिक पाई। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) से इसकी शिकायत करने की बात कही है।
“सड़क पर डामर नाम मात्र का है। अगर अभी यह हाल है, तो आने वाले बरसात के मौसम में यहाँ चलना दूभर हो जाएगा। सरकारी पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रशासन से मांग
क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जाए।दोषी ठेकेदार और मिलीभगत करने वाले इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई हो। सड़क का मानक के अनुरूप पुनः निर्माण कराया जाए




