लखनऊ। (संवाददाता) मलिहाबाद क्षेत्र में महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार’ को हटाए जाने के विरोध में पासी समाज का गुस्सा आज सड़क पर उतर आया। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर, क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल और उनके पुत्र विकास किशोर के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोगों ने लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर जाम लगा दिया। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन और 5 दिन के समय के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और यातायात बहाल हो सका।
मलिहाबाद में विधायक निधि से ‘महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार’ का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि विगत 22 अप्रैल को एक ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के चोरी-छिपे इस स्मृति द्वार को काटकर हटा दिया गया। इस घटना के बाद से ही स्थानीय पासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था। उसी दिन समाज के लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर इसे पुनः लगवाने की मांग की थी।
22 अप्रैल को जब विरोध प्रदर्शन हुआ था, तब स्थानीय प्रशासन ने दो दिन का समय मांगकर धरना समाप्त करवाया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दो दिन बीत जाने के बाद भी जब स्मृति द्वार को पुनः स्थापित नहीं किया गया, तो आज (26 अप्रैल) समाज के लोगों ने फिर से एकजुट होकर सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया। आज कई जनपदों से आए पासी समाज के संगठनों ने लखनऊ-हरदोई मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया।
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए जिले के उच्च अधिकारी, डीसीपी, एसीपी (काकोरी, माल, रहीमाबाद और मलिहाबाद) और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया। शुरुआत में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अंततः, लंबी वार्ता और प्रशासन द्वारा ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी माने। प्रशासन ने मामले को सुलझाने के लिए 5 दिन का समय मांगा है, जिसके बाद प्रदर्शन को खत्म कर दिया गया।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं और संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय सीमा (5 दिन) के भीतर महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार को पुनः स्थापित नहीं किया गया, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और अधिक उग्र करेंगे और उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।




