बेरहम शबनम ने भी अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर पूरे परिवार को उतारा था मौत के घाट
कहीं शबनम की गाजिया खातून भी तो नहीं बनी अपने ही बच्चों की कातिल
चंद मिनटों में ही हंसते-खेलते परिवार में बदल गया मातम में
क्यों घटना को दिया अंजाम दिया हर किसी को कर रहा बेचैन, मुरादाबाद मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
अफसर कर रहे हैं कई बिंदुओं पर पड़ताल, जल्द ही पहुंच सकती है सलाखों के पीछे
ए अहमद सौदागर लखनऊ। अंबेडकरनगर जिले के मुरादाबाद मोहल्ले में रहने वाले नियाज सऊदी अरब में रहते हैं और घर पर उनकी 35 वर्षीय पत्नी गाजिया खातून अपने 14 वर्षीय बेटे शफीक, 12 वर्षीय सउद, 10 वर्षीय उमर व आठ वर्षीय मासूम बेटी शादिया के साथ रहती है।
मोहल्ले वालों की मानें नियाज के घर घटना से कुछ घंटे पहले सबकुछ ठीक रहा। इस बारे में कोई महसूस नहीं कर रहा था जिस घर में आए दिन बच्चों की किलकारियां गूंज रही थी, लेकिन आज उसी घर की दहलीज पर मातम का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि जिस मां ने अपने जिगर के टुकड़ों को खाना-पीना खिलाकर सुलाया, लेकिन न जाने क्यों बेरहम गाजिया खातून ने अपने ही चार बच्चों का बेरहमी से कत्ल कर मौके से भाग निकली। इस घटना ने मोहल्ले को ही नहीं बल्कि पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया।
इस सनसनीखेज ने एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया।
गौर करें तो 14 अप्रैल 2008 की रात यूपी के अमरोहा जिले के बावन खेड़ा गांव निवासी शबनम अपने प्रेमी सलीम की चाहत में अपने पिता शौकत अली, मां हाशमी, दो भाईयों अनीस और राशिद, भाभी अंजुम, चचेरी बहन राबिया व दस महीने के मासूम भतीजे अर्श को एक साथ मौत की नींद सुला कर सनसनी फैला दी थी।
कातिल शबनम ने सभी की जान लेने के लिए पहले अपने प्रेमी सलीम से नशे की गोलियां मंगवाई फिर चाय में मिलाकर पिलाने के बाद सभी को कुल्हाड़ी से काट कर मार डाला।
बताया जा रहा है कि सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद शबनम ने मकान की छत पर जाकर शोरगुल मचाते हुए कहा कि बदमाशों ने लूटपाट का विरोध करने पर पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दिया।
एक साथ हुई घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने गहनता से छानबीन शुरू की तो सच सामने आया कि बदमाशों ने पूरे परिवार को मार डाला तो आखिर शबनम को कैसे छोड़ दिया बस वहीं से पुलिस को सबूत मिला और खूनी शबनम की गर्दन तक पहुंचने में कामयाब हो गई। खूनी खेल खेलने वाली शबनम पढ़ी-लिखी थी और उसका प्रेमी सलीम कम पढ़ा-लिखा था, जिसे लेकर घर वाले इस रिश्ते से नाखुश थे, लेकिन शबनम को इश्क का बुखार इस कदर हावी हुआ कि पूरे परिवार के लिए दुश्मन बन गई। यह तो वर्ष 2008 का कांड है अंबेडकरनगर जिले के मुरादाबाद मोहल्ले में रहने वाली गाजिया खातून ने भी जमकर खूनी खेल खेला और अपने ही ज़िगर के टुकड़ों पर कहर बनकर बरस पड़ी और चारों बच्चों को बेरहमी से मौत की नींद सुलाने के बाद हमेशा के लिए उनकी किलकारियों को खामोश कर दिया। पति नियाज सऊदी अरब में नौकरी करते हैं तो कहीं गाजिया खातून की किसी से आंखें चार तो नहीं हो गई और गैर की चाहत में अपने ही लाड़लों के लिए दुश्मन बन गई। इस मामले में जांच पड़ताल में जुटे पुलिस अफसरों का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता, लिहाजा कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।




