घंटे भर हुआ पोस्टमार्टम, विसरा सुरक्षित, खून जमा था शरीर में
परिजनों को विसरा रिपोर्ट का इंतजार
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के 39 वर्षीय पति प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को करीब घंटे भर चला। वीडियो ग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद यह बात सामने आई है कि उनकी मौत शरीर में खून जमा होने और हृदय फेल होने से मौत होने की बात सामने आई है। यह खून शरीर के भीतर थक्का बन गया था। पुलिस उनकी मौत को स्वाभाविक मौत मान रही है, लेकिन लोगों की जुबान पर अलग-अलग की चर्चाएं तैर रही है। फिलहाल विसरा सुरक्षित रख दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 39 वर्षीय भाई प्रतीक यादव विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित 8/2 में पत्नी अपर्णा यादव के साथ रहते थे। वह राजनीति से हटकर परिवार का जीवन यापन करने के लिए जिम चलाते थे और वह खुद भी जिम में व्यायाम करते थे।
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से वह बीमार चल रहे थे, जिसे लेकर अखिलेश यादव ने आगाह किया था कि अपनी सेहत का ख्याल करना। मंगलवार की रात उनकी हालत उस समय अचानक बिगड़ी जब उनकी पत्नी भाजपा नेत्री अपर्णा यादव किसी जरूरी काम से सफ़र निकलीं थीं। बताया जा रहा है कि इस कराहकर उनकी सांसें थम गई, लेकिन परिजनों को इसकी भनक बुधवार सुबह लगी जब शरीर से कोई आहट नहीं आ रही थी। यह माजरा देख आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सवाल है कि इतनी बड़ी बीमारी होने के बाद आखिर उन्हें किसी चर्चित अस्पताल में क्यों नहीं भर्ती कराया गया। फिलहाल यह सवाल अब हर किसी को बेचैन कर रहा है। मौत होने की खबर मिलते ही सैफई परिवार मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और भागते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित सैकड़ों की संख्या में सिविल अस्पताल पहुंचे। बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ लोग पोस्टमार्टम कराने मना कर रहे थे तो कुछ लोगों द्वारा पोस्टमार्टम कराने के लिए अड़ गए। लिहाजा इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बताते चलें कि डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि शरीर में खून का थक्का जमने तथा दिल की धड़कन रुक जाने (कार्डियक अरेस्ट) से मौत होने की बात सामने आई। हालांकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के पैनल ने विसरा सुरक्षित रख कर प्रयोगशाला के लिए भेजने की तैयारी कर रहा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि उनका भाई प्रतीक यादव बहादुर लड़का था और उसे बचपन से जानने की बात कही। इस घटना की जानकारी मिलते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौके पर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।




