August 8, 2026 3:00 am

अलीगंज: बीस साल बाद भी नहीं मिले खूनी डकैत, भुला बैठी पुलिस 

कई बार विवेचना ली करवट, लेकिन पूरा मामला पहुंचा ठंडे बस्ते में 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी में बढ़ती आपराधिक वारदातों के साथ ही उनके राजफाश भी पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहे हैं। बीते कुछ सालों पहले अलीगंज थाना क्षेत्र के डंडइया बाजार स्थित श्रीनाथ ज्वैलर्स के यहां बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड व सेल्समैन की हत्या कर लाखों के गहने लूट ले गए थे।

जानकार बताते हैं इस मामले में अपराध में लिप्त एक पुलिसकर्मी के बेटे का इस घटना में नाम सामने आया था, लेकिन एक बड़े अफसर के दबाव के चलते पुलिस उसकी गर्दन तक पहुंचने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाई।

इस मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीमें अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन बीस साल बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

सनद रहे कि अलीगंज थाना क्षेत्र के डंडइया बाजार स्थित श्रीनाथ ज्वैलर्स के यहां 13 अगस्त वर्ष 2007 असलहों से लैस बदमाशों ने धावा बोलकर लूटपाट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि विरोध करने पर दुकान के बाहर मुस्तैद सुरक्षा गार्ड व सेल्समैन के सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुलाने के बाद लाखों के गहने लूट ले गए थे।

इस घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और आनन-फानन में पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर डकैतों की गर्दन दबोचने के लिए नाकेबंदी की, दहशत फैलाते हुए खूनी खेल खेलने वाले डकैत भाग निकले थे। पुलिस अफसरों के निर्देश जारी होते ही क्राइम ब्रांच से लेकर स्थानीय पुलिस की टीमें राजधानी लखनऊ सहित यूपी के अलग-अलग जिलों में जाकर डेरा डाला और बहुत ही जल्द बदमाशों को पकड़ने का दावा किया, लेकिन बीस साल बीतने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। जानकार बताते हैं कि पुलिस जांच पड़ताल करते-करते थक गई और फाइल को ठंडे बस्ते में डालकर चुप्पी साध ली। नतीजतन खून बहाने वाले डकैत आज तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

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