मासूम बच्ची ने यह कदम क्यों उठाया वजह साफ नहीं हो सकी
खेलने और पढ़ने की उम्र न जाने क्यों दे दी जान
ए अहमद सौदागर लखनऊ। कैंट थाना क्षेत्र के नीलमथा स्थित शारदानगर निवासी कक्षा चार की छात्रा ने खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। खेलने और पढ़ने की उम्र फिर भी न जाने क्यों इतना खौफनाक कदम उठा ली। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की छानबीन कर रही है। मासूम छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया यह बातें हर किसी को बेचैन कर रही है।
कैंट थाना क्षेत्र के नीलमथा स्थित शारदानगर निवासी धनीराम मजदूरी कर परिवार का जीवन यापन करते हैं। उनकी 13 वर्षीय बेटी एक स्कूल में कक्षा चार की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि धनीराम रोज की तरह काम पर चले गए और उनकी पत्नी बकरी चराने के लिए चली गई थी, जबकि उनका बेटा अर्जुन अपनी हुआ के यहां गया हुआ था। बताया जा रहा है कि 13 वर्षीय गौरी घर पर अकेली थी। शाम को धनीराम काम पर से लौटे तो देखा कि कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। यह माजरा देख धनीराम दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई आहट न मिलने पर पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से धनीराम दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुए तो दंग रह गए। देखा कि मासूम गौरी का शव फांसी के फंदे से झूल रहा था। घरवालों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सवाल है कि गौरी की खेलने और पढ़ने की उम्र थी, लेकिन वह खौफनाक कदम क्यों उठाया यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है। पुलिस के मुताबिक मामले की गहनता से छानबीन की गई, लेकिन जान देने की वजह साफ नहीं हो सकी।




