न परिवहन विभाग का डर, न RTO की कार्रवाई, धड़ल्ले से चल रहीं अवैध बसें, सरकारी राजस्व को रोज लाखों का चूना लगा रहे
औरास उन्नाव। (संवाददाता) उत्तर प्रदेश में अवैध बस संचालन का बड़ा खेल सामने आया है। प्रदेश के कई जिलों से गैर प्रांतों के लिए बिना वैध परमिट और बिना पंजीकृत कार्यालय की बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों की जान हर पल खतरे में है।
सूत्रों के अनुसार, उन्नाव समेत आसपास के जिलों से चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब रूट पर रोजाना दर्जनों अवैध बसें संचालित हो रही हैं। इनके पास न तो परिवहन विभाग का परमिट है और न ही यात्री बीमा की कोई व्यवस्था। टिकट की पक्की रसीद भी नहीं दी जाती, जिससे हादसे की स्थिति में कोई क्लेम नहीं मिलता।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा खेल परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। RTO विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने से अवैध बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। इन बसों के जरिए सरकार को हर महीने करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
यात्रियों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें इन बसों से सफर करना पड़ता है, क्योंकि सरकारी बसें कम हैं और प्राइवेट बसों का किराया भी मनमाना है।
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री से मांग की है कि प्रदेशभर में अवैध बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर तत्काल कार्रवाई की जाए।




