मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत बच्चों के मामूली विवाद को लेकर एक महिला पर बेरहमी से हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने विपक्षियों पर लाठी-डंडों और धारदार चाकू से हमला कर लहूलुहान करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर पीड़िता ने सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मलिहाबाद से न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायती पत्र के अनुसार, मामला रहीमाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चिहुँटा मजरा खड़ौहा का है। पीड़िता राजरानी (पत्नी बलवान) ने बताया कि बीते 12 जून 2026 को उनका पुत्र अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान पास से गुजर रहे विपक्षी दुर्गा (पुत्र अज्ञात) पर खेल-खेल में मिट्टी की कुछ चींटें (छींटें) चली गईं।
इस मामूली सी बात पर विपक्षी आग बबूला हो गया और गालियां देने लगा। आरोप है कि कुछ देर बाद दुर्गा ने बहाने से पीड़िता को अपने घर बुलाया। वहां पहले से मौजूद दुर्गा, उसकी पत्नी मन्नी, पुत्री नेहा और पुत्रगण नितिन व विपिन ने पीड़िता को घेर लिया और लात-घूसों व लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान उन पर धारदार चाकू से भी हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शोर-शराबा सुनकर जब पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे, तब जाकर हमलावरों के चंगुल से पीड़िता की जान बच सकी। जाते-जाते विपक्षियों ने उन्हें दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़िता राजरानी का कहना है कि उन्होंने घटना के दिन ही यानी 12 जून 2026 को थाना रहीमाबाद में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन पुलिस द्वारा कोई सुनवाई या कार्रवाई नहीं की गई। दर्द बढ़ने पर पीड़िता ने 16 जून 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मलिहाबाद में अपना इलाज कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आई अंदरूनी और गंभीर चोटों की पुष्टि की है।
थाना पुलिस की ढिलाई से परेशान होकर पीड़िता ने अंततः सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मलिहाबाद को शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।




