लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के औरंगाबाद स्थित प्रसिद्ध श्री विनायक महादेव मन्दिर में धार्मिक उल्लास और वैदिक विधि-विधान के साथ श्री बालाजी महाराज की भव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। यह पवित्र कार्य मुख्य यजमान श्री अंकित सक्सेना ने
अपनी धर्मपत्नी श्रीमती दीप्ति, माता-पिता, सास-ससुर एवं समस्त परिजनों के साथ मिलकर पूर्ण श्रद्धाभाव से पूरा कराया। इस मांगलिक अवसर पर मंदिर में सबसे छोटे और लाडले भक्त के रूप में ईशंलोक सक्सेना की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
दानदाताओं और धर्मनिष्ठ परिवार के प्रति जताया आभार
मन्दिर परिसर में बालाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने के लिए मन्दिर ट्रस्ट और स्थानीय श्रद्धालुओं ने श्री अंकित सक्सेना एवं उनके पूरे परिवार का विशेष आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि अंकित जी का पूरा परिवार अत्यंत धर्मनिष्ठ है और धार्मिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहता है।
ट्रस्ट के पदाधिकारी और गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मन्दिर समिति के अध्यक्ष श्री सेवक राम और कोषाध्यक्ष श्री पूरनराम जी की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम में मन्दिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सम्मानित सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे। श्रीमती रागिनी सिंह, श्रीमती नीतू पटेल, श्रीमती पूजा पटेल, श्रीमती रूपमा पाल, श्रीमती गुड़िया, श्रीमती रेखा, श्रीमती साधना अजेला, श्रीमती रंजना जी, श्रीमती वन्दना जी, श्रीमती रुचि जी, प्रमिला तिवारी और श्रीमती राजकुमारी जी।
पुरुष पदाधिकारी/सदस्य: श्री विवेक सिंह, श्री आदर्श, श्री अंकुर रहेजा, श्री अमन जी, श्री रचित अजेला और श्री राकेश जी।
इनके अलावा भारी संख्या में क्षेत्र के अन्य श्रद्धालु और भक्तगण भी इस पावन पल के साक्षी बने।
विधायक श्री राजेश्वर सिंह की उपस्थिति में रखी गई थी मन्दिर की नींव
श्री विनायक महादेव मन्दिर का इतिहास अत्यंत प्रेरणादायी है। इस मन्दिर की नींव श्रीमती उमाकांती जी ने अपने जीवनकाल में 9 जुलाई 2023 को क्षेत्र के माननीय यशस्वी विधायक श्री राजेश्वर सिंह तथा अन्य गणमान्य विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति में रखी थी।
श्रद्धांजलि और स्मृतियों का संगम: मन्दिर निर्माण के अभी तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं। 30 दिसंबर 2023 को श्रीमती उमाकांती जी के स्वर्गवास के बाद, उनकी पावन स्मृति में औरंगाबाद और आसपास के अनेक दानदाताओं ने आगे आकर अपने दिवंगत माता-पिता की याद में मन्दिर परिसर में विभिन्न सिद्धपीठ देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित कराई हैं।
भक्तों की अगाध श्रद्धा और ‘मामा जी’ का विशेष योगदान
श्री विनायक महादेव मन्दिर आज क्षेत्र के लोगों की अगाध आस्था का केंद्र बन चुका है। यहाँ प्रतिदिन सुबह 5 बजे से लेकर देर रात तक भक्तों का ताँता लगा रहता है। मन्दिर की व्यवस्थाओं में हर किसी का प्रिय योगदान रहता है, विशेषकर ‘मामा जी’ का, जो प्रतिदिन मन्दिर में पूजा-अर्चना के लिए ताजे फूल लाकर देते हैं। मन्दिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के बीच मामा जी अपने इस निस्वार्थ सेवा भाव के कारण अतिप्रिय हैं।
बालाजी महाराज की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद महाआरती का आयोजन किया गया और उपस्थित सभी भक्तों में प्रसाद वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की गई।




