August 8, 2026 2:56 am

रिश्वतखोर कर्मी: दारोगा, लेखपाल और संविदाकर्मी सहित तीन लोग रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचे गये 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी में भ्रष्टाचारियों पर सीएम योगी का हंटर लगातार चल रहा है।भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने एक ही दिन में तीन जिलों में तीन रिश्वतखोरों को दबोचकर सनसनी मचा दी। दारोगा, लेखपाल और संविदाकर्मी तीनों सरकारी सिस्टम की धार कुंद करने वाले घूस लेते ट्रैप हुए।

डीजीपी राजीव कृष्ण के सख्त निर्देश पर सहारनपुर, बरेली और बस्ती इकाइयों ने अलग-अलग जगह छापा मारा।

मुकद्दमे में एफआर लगाने के 50 हजार,दारोगा गिरफ्तार

सहारनपुर इकाई ने थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर के उप निरिक्षक प्रवीण कुमार को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।इस मामले में शिकायतकर्ता ओमपाल सिंह, ग्राम कसौली, चरथावल, मुजफ्फरनगर नें शिकायत दर्ज कराई थी कि मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाने के एवज में घूस मांगी थी।इस पर इंस्पेक्टर मुकेन्द्र कुमार की टीम नें आरोपी प्रवीण कुमार पुत्र विजयपाल शर्मा को गिरफ्तार किया ।

खेत की नाप-जोख के नाम पर 10 हजार – लेखपाल जाल में फंसा

बरेली इकाई ने तहसील सदर शाहजहाँपुर के राजस्व लेखपाल योगेश कुमार तिवारी को 10 हजार रिश्वत लेते दबोचा।इस मामले की शिकायत शिकायतकर्ता शाकिर अली, बाबूजई, कोतवाली शाहजहाँपुर नें की थी।उनकी दिलशाद बानो के खेत की तुदाबंदी/नपत करने के बदले पैसे मांगे थे।इस पर सऊआपुर नया बाईपास फ्लाईओवर के नीचे, नगरिया मोड़ रोड से इंस्पेक्टर जितेन्द्र सिंह की टीम नें आरोपी योगेश तिवारी पुत्र स्व0 दिनेश तिवारी, गोकुलपुरी दिल्ली का रहने वाला है को गिरफ्तार किया।

बिल पास कराने के 10 हजार – संविदाकर्मी धरा गया

बस्ती इकाई ने ब्लाक मिशन प्रबंधन इकाई के संविदाकर्मी पंकज कुमार को 10 हजार घूस लेते पकड़ा।इसकी शिकायत

शिकायतकर्ता राजेश कुमार, ग्राम बलुआ, बांसी, सिद्धार्थनगर नें की थी।बीएटीबीपी योजना के तहत सामान के बिलों का भुगतान कराने के नाम पर वसूली को लेकर ब्लाक परिसर, मिशन प्रबंधन इकाई कार्यालय कक्ष से इंस्पेक्टर अमरजीत नें आरोपी पंकज कुमार पुत्र द्वारिका प्रसाद गुप्ता, सरया तिवारी खजनी, गोरखपुर को गिरफ्तार किया।

सीएम योगी की दो टूक भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एंटी करप्शन टीम लगातार एक्शन में है। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।इसी बीच सवाल उठने लगे कि वर्दी वाला, कलम वाला और फाइल वाला – जब तीनों ही बिकाऊ हों तो जनता कहां जाए ? लेकिन योगी राज में अब घूसखोरों की खैर नहीं का मैसेज साफ है। ट्रैप कार्रवाई से सरकारी महकमों में हड़कंप है।

63
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!