पुलिस परिवार में अध्ययन, ज्ञान एवं साहित्यिक संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
पुलिस लाइन में किया गया कार्यक्रम
ए अहमद सौदागर लखनऊ। शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ वामा सारथी की अध्यक्षा में मीनाक्षी सिंह द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, सकारात्मक सोच एवं जीवन मूल्यों के विकास का सबसे
प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने पुलिस परिवार के बच्चों, युवाओं एवं सभी सदस्यों से नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने तथा पुस्तकों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात लेखक एवं दास्तान-ए-गोए श्री हिमांशु बाजपेयी, लखनऊ लिटरेरी फेस्टिवल की संस्थापक सुश्री कनक रेखा चौहान, इतिहासकार श्री रवि भट्ट, लेखिका एवं शिक्षाविद् श्रीमती दिव्या भारद्वाज भट्टाचार्या, लेखक एवं मोटिवेशनल स्पीकर श्री चन्द्रशेखर वर्मा, रेडियो जॉकी एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर श्री प्रतीक भारद्वाज तथा यूनिवर्सल बुक स्टोर के श्री चन्द्र प्रकाश सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। सभी वक्ताओं ने पुस्तकों के महत्व, अध्ययन की उपयोगिता तथा समाज में साहित्य की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
वामा सारथी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सेंगर के नेतृत्व एवं समन्वय में “बुक फेयर–2026” एवं “रीडिंग रूम” की संकल्पना को सफलतापूर्वक साकार किया गया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा समिति ने गुणवत्तापूर्ण साहित्य को पुलिस परिवार तक पहुंचाने, बच्चों एवं युवाओं में अध्ययन की आदत विकसित करने तथा ज्ञान आधारित वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। इस अवसर पर सचिव वामा सारथी डॉ. चारू गावा तथा एजुकेशन वर्टिकल वामा सारथी की सदस्यगण श्रीमती निहारिका सिंह, डॉ0 वीणा सिंह एवं डॉ मानिनी श्रीवास्तव भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बुक फेयर में साहित्य, इतिहास, संस्कृति, प्रेरणादायी जीवनियाँ, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, समसामयिक विषयों एवं बाल साहित्य सहित विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक पुस्तक मेले का अवलोकन किया तथा अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का चयन किया।
इस अवसर पर स्थापित रीडिंग रूम को पुलिस परिवार के लिए एक स्थायी अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ शांत, व्यवस्थित एवं प्रेरणादायी वातावरण में अध्ययन, पठन-पाठन एवं आत्मविकास की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। यह सुविधा विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
कार्यक्रम का सफल आयोजन वामा सारथी की शिक्षा समिति के सहयोग से सम्पन्न हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समिति के पदाधिकारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। उपस्थित सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल पुलिस परिवार में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं सकारात्मक बौद्धिक वातावरण को नई दिशा प्रदान करेगी तथा नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




