इस मामले में अमेरिकी पुलिस से साझा करेगी साइबर सेल और साइबर थाने की पुलिस
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पिछले कुछ महीनों से राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र स्थित नामी-गिरामी समिट बिल्डिंग के 11वीं मंजिल पर चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय काल सेंटर का भंडाफोड़ कर साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने बीते एक जुलाई 2026 को 27 लड़कियां व 92 लड़कों को गिरफ्तार किया कर मौके से भारी मात्रा में जालसाजी की दुकान चलाने वाले हाईटेक उपकरणों को बरामद किया था।
इस गिरोह ने देश-प्रदेश नहीं बल्कि अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी की थी।
पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर के मुताबिक इस मामले में जांच पड़ताल के बाद साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने मुख्य सरगना 25 हजार रुपए के इनामी जालसाज विनीत वशिष्ठ व दो अन्य को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय काल सेंटर धोखाधड़ी मामले की विवेचना में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। अमेरिका के स्कैमर्स के द्वारा अमेरिकी टोल फ्री नंबर को खरीदा जाता था जिसे भारत में स्कैमर्स को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए से शेयर किया जाता था।
बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच और साइबर सेल द्वारा फ्राड में इस्तेमाल किए गए टोल फ्री नंबर की पहचान कर ली है।
पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के साथ साझा किया जाएगा, जिससे अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी वहां के स्कैमर्स के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर पाए। वहीं अपर पुलिस उपायुक्त अपराध ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त नायकर जयराज से संबंधित पाया गया है कि इस मामले में हवाला लेन-देन एवं धन की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हासिल तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ऋ




