आठ लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, दो कंप्यूटर माउस, एक बाल आउट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
राजफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपए का इनाम
डरा-धमकाकर अमेरिका के नागरिकों को बनाते थे निशाना
सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित ओमेक्स टू में चल रहा था गोरखधंधा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशन में ऑपरेशन साइबर के तहत चलाए जा रहे अभियान के क्रम में साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के ओमेक्स टू में संचालित अन्तर्राष्ट्रीय साइबर ठगी के कॉल सेंटर में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश कर सात हाईटेक जालसाजों को गिरफ्तार किया है।
इस गोरखधंधे को अंजाम देने में छठवीं पास, आठवीं पास, इंटर पास, दसवीं पास के युवा शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने बताया इस गिरोह का सरगना अहमदाबाद गुजरात में बैठकर फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा है उसका भाई लखनऊ में रहकर इस गोरखधंधे को संभाल रहा है।
पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल कुमार यादव के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों ने पूछताछ में अपना नाम अहमदाबाद गुजरात व हाल पता सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र स्थित ओमेक्स आर टू फ्लैट नंबर 901 निवासी पुनीत कुमार वर्मा पुत्र चन्द्रकान्त, कोलकाता बंगाल व हाल पता ओमेक्स आर टू निवासी मोहम्मद सुहैल पुत्र मोहम्मद सलाम, कोलकाता व हाल पता ओमेक्स आर टू निवासी मोहम्मद शहनवाज आलम पुत्र शमशाद, कोलकाता पश्चिम बंगाल व हाल पता ओमेक्स आर टू निवासी मोहम्मद इमरान पुत्र स्व मोहम्मद असगर, कोलकाता पश्चिम बंगाल व हाल पता ओमेक्स आर टू निवासी मोहम्मद रियाज पुत्र मोहम्मद सिराज, अहमदाबाद गुजरात व हाल पता ओमेक्स आर टू निवासी दीपेन चन्द्र कांत पटेल पुत्र स्व हीराभाई व कोलकाता पश्चिम बंगाल व हाल पता ओमेक्स आर टू निवासी सज्जाद हुसैन उर्फ सरफराज पुत्र शाह आलम बताया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो खासकर विदेशी नागरिकों से संपर्क कर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।
पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल कुमार यादव का कहना है कि यह लोग पीड़ितों से प्राप्त धनराशि को सीधे बैंक खातों में न लेकर गिफ्ट कार्ड डिजिटल बाउचर एवं अन्य उपकरण के जरिए लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी कर रहे थे। जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई है कि गिरोह संगठित तरीके से अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। बताया जा रहा है कि कॉल सेंटर का संचालन आधुनिक इंटरनेट आधारित संचार प्रणाली VOlP calling विशेष कॉलिंग साफ्टवेयर, उच्च गति इंटरनेट, लैपटॉप, आईफोन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए से गोरखधंधा किया जा रहा था। खास कर यह लोग विदेशी नागरिकों का डाटा हासिल कर निशाना बनाकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के बाद अमेरिका में बैठा जालसाज हवाला के जरिए रुपए भेजता है। इस गुड वर्क करने वाली टीम को पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल कुमार यादव 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।




