पुलिस की मजबूत पैरवी, अदालत ने पचास हजार रुपए का ठोंका जुर्माना
ए अहमद सौदागर लखनऊ। करीब चार साल पहले चिनहट क्षेत्र में दुष्कर्म की हुई घटना के मामले में इंस्पेक्टर चिनहट की टीम की मजबूत पैरवी पर दोषी पाए जाने पर अदालत ने बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र स्थित सेहाली गांव निवासी अमित बाल्मीकि बीस साल की कठोर कारावास के साथ पचास हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
चिनहट क्षेत्र में रहने में रहने वाली एक युवती के साथ बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र स्थित सेहाली गांव निवासी अमित बाल्मीकि पुत्र जीवन बाल्मीकि ने घिनौनी हरकत किया था। इस मामले पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर चलाए जा अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार द्वारा अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने को लेकर न्यायालय में अधिक सजा मिले इसके लिए डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के कुशल पर्यवेक्षण एवं अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी डॉ अमोल मुरकुट तथा एसीपी विभूतिखंड सौम्या पांडेय के निर्देशन में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पैरोकार हेड कांस्टेबल मनोज कुमार व कांस्टेबल सौरभ कुमार की मजबूत पैरवी की।
न्यायालय पाक्सो एक्ट तीन लखनऊ द्वारा 16 जुलाई 2026 मुकदमा अपराध संख्या 314/2022 धारा 376 ए बी के तहत अभियुक्त अमित बाल्मीकि को बीस साल की कठोर कारावास के अलावा पचास हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।




