August 8, 2026 3:00 am

रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हस्तनिर्मित राखियों की बढ़ी मांग, अब ऑनलाइन भी होगी उपलब्ध

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में आगामी रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं इस वर्ष भी आकर्षक एवं हस्तनिर्मित राखियों का निर्माण कर रही हैं। प्रयागराज, वाराणसी, बागपत, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, उन्नाव , शामली, जौनपुरएवं मिर्जापुर सहित प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक कौशल एवं नवीन डिजाइनों के साथ सुंदर राखियां तैयार कर रही हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समूहों की दीदियों द्वारा राखियों के निर्माण से जहां दीदियों की आय में वृद्धि होगी, वहीं ग्रामीण संस्कृति, भारतीय परंपरा एवं महिलाओं की सृजनात्मकता की झलक देखने को मिलेगी, यही नहीं लोकल फार लोकल के सरकार के संकल्प को साकार करने में गति मिलेगी ।इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्त होगी, बल्कि महिला उद्यमिता एवं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को भी नई मजबूती मिलेगी।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय बाजारों, मेलों एवं विभिन्न विक्रय केंद्रों के माध्यम से अपनी हस्तनिर्मित राखियों का विक्रय कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सूती धागे, रेशम, मोती, जरी, कुंदन, लकड़ी, कपड़े , अनाज एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों से पारंपरिक, आधुनिक, बच्चों एवं थीम आधारित विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों में ग्रामीण संस्कृति, भारतीय परंपरा एवं महिलाओं की सृजनात्मकता की झलक देखने को मिलती है।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन एवं डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर यूपीएसआरएलएम प्रदेशवासियों से अपील करता है कि वे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित ‘वोकल फॉर लोकल’ हस्तनिर्मित राखियों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्त होगी, बल्कि महिला उद्यमिता एवं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को भी नई मजबूती मिलेगी।

मिशन निदेशक अरुण कुमार के निर्देशन में यूपीएसआरएलएम द्वारा इन राखियों को Amazon, Flipkart तथा e-SARAS जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद देशभर के ग्राहकों तक आसानी से पहुंच सकें और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हो।

63
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!