चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड के कई राजकीय विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों के पद रिक्त पड़े होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। शिक्षकों की कमी से त्रस्त छात्र-छात्राओं ने जुलाई माह में कही विद्यालयों में विरोध स्वरूप ताला जड़कर प्रदर्शन किया।
सोशल मीडिया व क्षेत्रीय जानकारी के अनुसार नरबदिया, विवेकानंद मॉडल स्कूल भदेसर, शहीद राजेंद्र नगर, पीपलवास, धनेत सहित अन्य कही राजकीय विद्यालयों में महत्वपूर्ण विषयों के अध्यापक नहीं हैं। परिणामस्वरूप बच्चों को नियमित कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं और उनका शैक्षणिक भविष्य खतरे में है।
इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता *शंकरलाल मेघवाल, बिलडी* ने संबंधित उच्च अधिकारियों से ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की है कि भदेसर उपखंड के सभी राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों पर अविलंब शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
मेघवाल ने कहा कि “शिक्षा मौलिक अधिकार है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और मेधावी छात्र-छात्राएं सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देकर ठोस कदम उठाने चाहिए।”
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, चित्तौड़गढ़ एवं शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर शीघ्र समाधान की मांग की जा रही है।
सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या का शीघ्र निराकरण कर विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।




