November 3, 2026 9:04 pm

लखनऊ विश्वविद्यालय में बायोमेडिका 2026 की शुरुआत, दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

क्लीनिकल साइंटिस्ट्स का 7वां राष्ट्रीय सम्मेलन, विषय – एकीकृत अनुसंधान से क्लीनिकल उत्कृष्टता

 

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। बेसिक मेडिकल साइंसेज में अनुसंधान पर क्लीनिकल साइंटिस्ट्स के 7वें राष्ट्रीय सम्मेलन, बायोमेडिका 2026 के पहले दिन का आयोजन आज जानकीपुरम विस्तार स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय (न्यू कैंपस) के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के ऑडिटोरियम में किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन नेशनल एम.एससी. मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एनएमएमटीए) द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है।

इस सम्मेलन का मुख्य विषय “बेसिक मेडिकल साइंसेज में एकीकृत अनुसंधान के माध्यम से क्लीनिकल उत्कृष्टता को बढ़ावा देना” है।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी के कुशल नेतृत्व में किया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के निदेशक और आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सम्मेलन के वैज्ञानिक और लॉजिस्टिकल ढांचे को संभाला, तथा एनएमएमटीए के आयोजन सचिव डॉ. सुखेस मुखर्जी ने दिन के कार्यक्रम का समन्वय किया।

प्रेरणादायक उद्घाटन सत्र

सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत एक उद्घाटन सत्र के साथ हुई जिसमें देश भर से आए गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य, शोधकर्ता और प्रतिनिधि शामिल हुए। निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने प्रेरणादायक उद्घाटन भाषण दिया, जिसमें उन्होंने क्लीनिकल प्रथाओं को आगे बढ़ाने में बेसिक मेडिकल साइंसेज में एकीकृत अनुसंधान के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.पी. सिंह, डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने अंतःविषय अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला। एरा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अब्बास अली मेहदी ने विशिष्ट सम्मानित अतिथि के रूप में सभा को संबोधित किया।

एएमआर इंडिया प्रोजेक्ट और शोध पर चर्चा

उद्घाटन के बाद, एनएमएमटीए के संस्थापक अध्यक्ष प्रोफेसर श्रीधर राव पीएन ने प्रतिनिधियों को ‘एएमआर इंडिया प्रोजेक्ट’ से परिचित कराया और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस अनुसंधान के लिए इसके महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोसाइंसेज के अध्यक्ष प्रोफेसर वी. एन. खन्ना द्वारा “अनुसंधान कदाचारः प्रकार, कारण और परिणाम” विषय पर प्लेनरी व्याख्यान दिया गया।

पहले दिन ओरल प्रेजेंटेशन और पोस्टर प्रेजेंटेशन सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें प्रतिनिधियों ने बेसिक और क्लीनिकल मेडिकल साइंसेज से जुड़े अपने मूल शोध को प्रस्तुत किया।

सम्मेलन का दूसरा दिन 23 अगस्त 2026 को आयोजित होगा, जिसमें कई प्लेनरी व्याख्यान, कीनोट एड्रेस, सर्वश्रेष्ठ पीएचडी थीसिस पुरस्कार और डायग्नोस्टिक्स व थेराप्यूटिक्स के भविष्य पर पैनल चर्चा होगी।

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