बेटे-बहू ने बुजुर्ग को ठुकराया तो इंस्पेक्टर गोसाईगंज बने सहारा, दिया सुरक्षा दिलाने का भरोसा
पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल तो बुजुर्ग के चेहरे खिले, दी पुलिस को दुआएं
ए अहमद सौदागर लखनऊ। उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके अगर अपराधियों के निशाने हैं तो अपने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। आलम यह है कि जिसने अंगुली पकड़कर चलना सिखाया उसे ही बोझ समझ कर किनारा कस लिया गया। इससे भी शर्मनाक स्थिति तो यह है कि कई आवारा अपने सेवानिवृत्त पिता की पेंशन तक छीनकर मौज-मस्ती में उड़ाने में नहीं चूक रहे हैं। वहीं कुछ पत्नी के इशारे पर बैठे को पिता से नहीं मिलने देते। जबकि उम्र के इस दौर में अकेलापन सालने लगता है और अवसाद से बचने के लिए के लिए सहारे की बेहद जरूरत होती है। लेकिन बुढ़ापे की लकड़ी समझकर पाला गया, उनकी करतूतें पूरे समाज का सिर झुका रही है। इतना ही नहीं कई मामलों में बुजुर्ग माता-पिता अपनी बेटियों तक के अत्याचार की शिकायत लेकर थाने की दहलीज पर आ चुके हैं।
ऐसा ही एक मामला गोसाईगंज में सोमवार को देखने को मिला यहां बेटे-बहू की प्रताड़ना से आजिज होकर एक बुजुर्ग फरियाद लेकर थाने की दहलीज पर कदम रखा तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मी बुजुर्ग की दशा देख तुरंत उन्हें बैठाया।
इसकी भनक लगते ही इंस्पेक्टर गोसाईगंज बुजुर्ग व्यक्ति को अपने दफ्तर में बुलाया और उन्हें बाइज्जत कुर्सी पर बैठाकर सम्मान देते हुए उनकी फरियाद सुना तो बुजुर्ग की आंखें आंसुओं से भर आई। पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ सुना और तत्काल प्रभाव से सहायता देने का भरोसा दिलाया। इंस्पेक्टर गोसाईगंज की टीम ने बुजुर्ग को जलपान कराया। पुलिस आनन-फानन में बेरहमी अख्तियार करने वाले बेटे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नसीहत दी कि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस ने उन्हें हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। बुजुर्ग ने पुलिस की सराहना करते हुए दुआएं दी।





