लखनऊ। महंगी चीनी और एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर त्वरित निर्णय लेने के संबंध में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय जी पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र में लिखा है कि विगत 07 जुलाई को आपको एथेनॉल मिश्रित ईंधन की नीति के वैज्ञानिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और उपभोक्ता हित संबंधी प्रश्नों पर विस्तृत पत्र भेजा गया था। उसमें ई20, ई85 और ई100 की नीति की स्वतंत्र समीक्षा उसके आर्थिक प्रभाव तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की मांग की गई थी। साथ ही भारतीय उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण में नितांत असफल रहने वाले कैबिनेट मंत्रीगण श्री नितिन गडकरी एवं श्री हरदीप सिंह पुरी को भी मंत्रिमण्डल से मुक्त करने का आग्रह किया गया था।
पत्र में आगे लिखा है कि श्री हरदीप सिंह पुरी के मंत्रालय की एथेनॉल नीति का सबसे बड़ा तर्क यही रहा है कि इससे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार के अपने आँकड़ों के अनुसार 2024-25 में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 19.24 प्रतिशत तक पहुँच चुका था और 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में नीति आगे बढ़ी। लेकिन अब 20 अगस्त को सरकार को 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त (ड्यूटी फ्री) आयात की अनुमति लगभग एक दशक में पहली बार देनी पड़ी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चीनी और अन्य खाद्य पदार्थों के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि के लिए केन्द्रीय खाद्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने भी अपनी किसी जिम्मेदारी का परिचय नहीं दिया है। दुर्भाग्य यह है कि वह अब शिक्षा मंत्रालय से संबंधित कार्य भी देखेंगे।
श्री राय ने कहा है कि सीधा सवाल है कि एथेनॉल नीति से पेट्रोलियम आयात पर विदेशी मुद्रा की बचत का दावा किया जाता है, लेकिन यदि घरेलू चीनी की कमी के कारण चीनी का आयात करना पड़े तो उस पर भी विदेशी मुद्रा खर्च होगी। इसलिए एथेनॉल, चीनी उत्पादन, घरेलू कीमतों और आयात इन सभी का वास्तविक लेख-जोखा जनता के सामने स्पष्ट किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र के अंत में लिखा है कि जहां श्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में परिवहन क्षेत्र में ई20 के बाद आगे की दिशा सहित उनके मंत्री पद व पारिवारिक हितों के विषय समाचारों में उपलब्ध हैं, वहीं स्वयं भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल में ई20 के साथ ई10 जैसे कम-मिश्रण वाले ईंधन को फिर से उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है, ताकि पुराने वाहनों के मालिकों की चिंता कम हो सके। अतः जब सरकार का एक वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार स्वयं उपभोक्ता को विकल्प देने की आवश्यकता बता रहा है, तो इस नीति की व्यापक समीक्षा भी होनी चाहिए।
किसी भी राजनीतिक समझ में तर्क हो सकता है कि उदासीन सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल यदि वास्तव में विचाराधीन है तो अक्षम मंत्रियों को हटाने की कोई मांग कतई न की जाए, किन्तु जागरूक लोकतंत्र और जनता के हितों के मद्देनजर फेरबदल कीजिए पर जनहित के सवालों का उत्तर भी दीजिए।
श्री अजय राय ने कहा है कि उम्मीद है कि देश में त्योहारों और पर्वों की श्रृंखला शुरू होने वाली है ऐसे में अब एथेनॉल के साथ देश में चीनी के मूल्यों पर भी आपकी सरकार कोई ठोस निर्णय लेगी।





