November 6, 2026 8:44 pm

औरास में बिजली व्यवस्था ध्वस्त: 33KV फॉल्ट के बहाने अंधेरे में कट रही रातें, आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

उन्नाव। (संवाददाता) औरास बिजली विभाग के कर्मचारियों की लचर कार्यप्रणाली और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। [सरकार और विभाग द्वारा] ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों को 4 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है। आए दिन शाम होते ही बिजली गायब हो जाती है और पूरी रात गुल रहती है। त्योहारों के सीजन में भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। पवित्र रक्षाबंधन पर्व पर भी जमाल नगर सहित औरास उपकेंद्र से जुड़े सभी फीडरों की बिजली शाम को जो गई, तो पूरी रात गायब रही। भाई-बहन के इस पावन त्योहार पर ग्रामीणों को अंधेरे और भीषण गर्मी में रात गुजारनी पड़ी।

औरास विद्युत उपकेंद्र से नगर और ग्रामीण इलाकों को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति का सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। पिछले एक महीने से प्रतिदिन 33 KV लाइन में फॉल्ट आने का सिलसिला जारी है। जब भी ग्रामीण या उपभोक्ता इस कटौती के बारे में जानकारी लेने के लिए सब-स्टेशन या जिम्मेदार अधिकारियों को फोन करते हैं, तो उन्हें हमेशा ’33 हजार की लाइन में खराबी’ का बना-बनाया बहाना थमा दिया जाता है। शुक्रवार की शाम को भी जमाल नगर फीडर समेत सभी क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई। इस भीषण उमस और गर्मी में लोग पूरी रात जागकर काटने को मजबूर रहे, लेकिन विभाग का दिल नहीं पघला।

क्षेत्र में सुबह-शाम ट्रिपिंग, बड़ी लाइन फॉल्ट, छोटी लाइन फॉल्ट और ब्रेकडाउन का खेल चौबीसों घंटे चलता रहता है। हालत यह है कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी कमियों को छिपाने के लिए फॉल्ट का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जब कोई उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर जाता है, तो सुनने के बजाय अधिकारी उन पर अपना रौब गांठते हैं। इस तानाशाही और लचर व्यवस्था के कारण स्थानीय जनता में बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया और इस रोज-रोज के फॉल्ट की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

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