अनसुलझी है छेदाना की हत्या का राज, ग्यारह दिन गुजरने के बाद भी नहीं मिले कातिल
खुर्रमपुर गांव में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। अट्ठारह सितंबर 2026 की रात बंथरा थाना क्षेत्र स्थित खुर्रमपुर गांव निवासी 70 वर्षीय छेदाना गौतम की किसी धारदार हथियार से गला रेत कर हुई हत्या के मामले में पुलिस की टीमों ने हत्यारों की तलाश में अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन ग्यारह दिन गुजरने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
पुलिस ने करीबियों से लेकर इलाकाई सूचीबद्ध बदमाशों तक की कुंडली खंगाला और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की, लेकिन पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी कि आखिर बुजुर्ग छेदाना गौतम की जान किसने और क्यों ली।
यह सनसनीखेज मामला मानो पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
बदमाश बेरहमी से बुजुर्ग महिला छेदाना गौतम की उन्हीं के घर में घुसकर बेरहमी से कत्ल कर दिया, लेकिन पुलिस खून बहाने वालों को पकड़ने में नाकाम है।
सनद रहे कि बंथरा थाना क्षेत्र स्थित खुर्रमपुर गांव निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला छेदाना गौतम के पति शंकर लाल गौतम की करीब सात साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी दोनों बेटियां राम-जानकी और अर्चना शादी के बाद अपनी-अपनी ससुराल में रहतीं हैं और छेदाना गौतम घर में अकेली रहतीं थीं।
रोज की तरह 18 सितंबर 2026 की रात खाना खाने के बाद घर में सो रहीं थीं कि देर रात बेखौफ बदमाशों ने घर में घुसकर बुजुर्ग महिला छेदाना की किसी धारदार हथियार से गला रेत कर मौत की नींद सुला दिया।
इस सनसनीखेज मामले की खबर मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और डॉग स्क्वायड व फिंगर प्रिंट दस्ते के साथ छानबीन की। डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने कातिलों की गर्दन दबोचने के लिए मातहतों को दिशा-निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीमें करीबियों से लेकर इलाकाई सूचीबद्ध बदमाशों तथा आसपास के जिलों में जाकर बदमाशों की खोज की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। वहीं पुलिस इस मामले में कुछ करीबियों से भी गहनता से पूछताछ की लेकिन उनसे भी कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग सका। इस मामले में जांच पड़ताल में जुटे एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस की टीमें लगी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे।





