लखनऊ। ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लॉईज एसोसिएशन, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के तत्वावधान में बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय प्रांगण में एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय महामंत्री अशोक कुमार, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रेमसिंह, जोनल अध्यक्ष बच्चू लाल और जोनल महामंत्री रामप्रकाश सहित मंडल व विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रेल प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
धरना प्रदर्शन के दौरान जोनल महामंत्री रामप्रकाश ने कहा कि एससी/एसटी कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर रेलवे बोर्ड द्वारा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद रेल प्रशासन में बैठे कुछ लोग आरक्षण विरोधी नीतियों के तहत अनियमितता कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंडल रेल प्रबंधक स्तर पर इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो एसोसिएशन महाप्रबंधक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
वहीं केंद्रीय महामंत्री अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि एससी/एसटी कर्मचारियों को उनका अधिकार मिलना किसी की दया नहीं है। रेल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कर्मचारियों का उत्पीड़न तत्काल बंद करे, स्थानांतरण नीति का पारदर्शी पालन करे और पदोन्नति में रोस्टर बिंदुओं को लागू करे।
मंडल रेल प्रबंधक को सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन
मंडल अध्यक्ष सुमित अम्बेडकर की अध्यक्षता एवं मंडल मंत्री नवनीत कुमार वर्मा के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम के अंत में मंडल रेल प्रबंधक को 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगे:
कार्यालय आवंटन: मुख्यालय शाखा लखनऊ, आनन्दनगर एवं गोरखपुर ओपन लाइन का कार्यालय तत्काल आवंटित किया जाए।
पदोन्नति और रोस्टर भर्ती: रोस्टर के अनुसार पदोन्नति की जाए तथा ग्रुप ‘सी’ व ‘डी’ में शॉर्टफाल की स्थिति को स्पष्ट कर बैकलाग/शॉर्टफाल के पदों (जैसे एससी/एसटी के 56 एलपीजी पदों) को तत्काल भरा जाए।
गलत स्थानांतरण निरस्त हों: रेलवे बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन कर किए गए एससी/एसटी पदाधिकारियों व कर्मचारियों (जैसे लोको पायलट राहुल मीना, भैरव सिंह और ट्रेन मैनेजर रामप्रसाद) के स्थानांतरण तत्काल निरस्त किए जाएं।
ट्रैक मेंटेनरों के काम के घंटे: ट्रैक मेंटेनर (I, II, III, IV) से 12 घंटे कार्य कराने पर रोक लगे, उनके कार्य घंटे निश्चित किए जाएं तथा ओवरटाइम का भुगतान किया जाए।
उत्पीड़न पर कार्रवाई: मंडल में बढ़ रही उत्पीड़न की घटनाओं (जैसे स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार के साथ मारपीट व अन्य कर्मियों को धमकी) के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अन्य मांगें: लोको पायलट पद से विश्रेणीकृत कर्मचारियों को लिपिकीय संवर्ग में पदस्थापित किया जाए, गाड़ी प्रबंधकों की पदोन्नति की अनियमितता ठीक की जाए तथा SBF फंड और पर्यटन/भ्रमण में एसोसिएशन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।





