शवों को घाघरा नदी में फेंका, पांच हत्यारे गिरफ्तार
जमीन दिखाने के बहाने बुलाकर किया था अपहरण
पुलिस को मृतक पवन कुमार गर्ग की चेन, अंगुठी, घटना में इस्तेमाल दो चार पहिया वाहन व अन्य कागजात बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। एक सप्ताह पहले से लापता मड़ियांव क्षेत्र स्थित केशव नगर निवासी 45 वर्षीय केजीएमयू कर्मी पवन कुमार गर्ग और उनके साथी सचिन की गला कसकर हत्या कर हत्यारों ने दोनों के शवों को घाघरा नदी में फेंक दिया था। इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र की टीम ने सर्विलांस की मदद से शुक्रवार को पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक बदमाशों ने जमीन दिलवाने के बहाने बुलाकर फिरौती मांगने के इरादे से घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस को इनके पास से मृतक पवन कुमार गर्ग की चेन, अंगुठी व घटना में इस्तेमाल दो चार पहिया वाहन बरामद हुई है।
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मूल रूप से राजस्थान व हाल पता मड़ियांव के केशव नगर ने थाने पर लिखित तहरीर देकर बताया कि उनके चचेरे भाई 45 वर्षीय असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट 27 सितंबर 2026 की रात बिना बताए घर से कहीं चले गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस सूचना पर गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगाई थी कि तभी उनकी कार सीतापुर जिले के कमलापुर क्षेत्र में लावारिस हालत में खड़ी मिली थी।
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि नितिन मिश्रा नाम के शख्स ने पवन कुमार गर्ग को बहाने से फोन कर बुलाया था। हल्का सबूत हाथ लगते ही पुलिस सक्रिय हुई और आनन-फानन में नितिन मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वह अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कहा कि वह पवन कुमार गर्ग को पहले से जानता था।
यह भी बताया कि पवन के पास पचास-साठ लाख रुपए हैं और वह जमीन खरीदना चाहते थे। तभी बेखौफ नितिन मिश्रा ने पवन कुमार गर्ग को अगवा करने की योजना बनाई और बहाने से बुलाकर अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया और फिरौती न मिलने पवन कुमार गर्ग व उसके साथी सचिन को मौत की नींद सुलाने के बाद शवों घाघरा नदी में फेंक दिया था।
इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र की टीम ने शुक्रवार मुख्य साजिशकर्ता नितिन मिश्रा उर्फ डबलू पुत्र स्व अमरेश मिश्रा, अवनीश कुमार मौर्या पुत्र स्व गिरीश चंद, प्रकाश सिंह पुत्र चन्द्रभान सिंह, सूरज सिंह पुत्र रामराज सिंह व मोहित सिंह पुत्र राजेश सिंह को गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित इटौंजा थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं।
ऐसे बनाई थी अपहरण करने की योजना
27 सितंबर 2026 की रात नितिन मिश्रा ने फोन कर पवन कुमार गर्ग को भिटौली क्रासिंग पर बुलाया। पवन अपने साथी सचिन विश्वकर्मा को लेकर पहुंचे। आरोपितों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि इसके बाद इटौंजा में न्यू फौजी ढाबा पर जाकर वहां शराब पीकर खाना खाने बाद आपस में बातचीत कर रहे थे कि इसी दौरान झगड़ा हो गई।
अपहरणकर्ताओं ने पवन और उनके साथी सचिन एक अंडर कंस्ट्रक्शन मकान अन्नामऊ ले गए और वहीं पर पचास लाख रुपए की फिरौती की मांग तो पवन कुमार गर्ग ने मना कर दिया कि मेरे पास रुपए नहीं हैं और मैं नहीं दे पाऊंगा।
आरोपितों ने पुलिस को बताया कि उन्हें लगा कि पैसे नहीं मिलेगा, लेकिन इन्हें छोड़ सकते। क्योंकि छूटने के बाद पुलिस को जानकारी दे देगा।
तभी बेखौफ बदमाशों ने केजीएमयू कर्मी और उनके साथी सचिन की रस्सी से गला दबाकर मौत की नींद सुलाने के बाद दोनों के शवों महमूदाबाद होते हुए चलहरी घाट पहुंचे और घाघरा नदी में फेंक देने की बात बताया। डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक गोताखोरों एवं एसडीआरएफ टीम की मदद से दोनों लोगों के शवों खोजने की कोशिश की जा रही है।





