लखनऊ। (संवाददाता) केंद्रीय ओषधि अनुसंधान संस्थान जानकीपुरम लखनऊ के कैम्पस में बिना सेफ्टी गेयर के लापरवाह ठेकेदार द्वारा अशोक वाल्मीकि को सीवर की सफाई के दौरान सीवर में उतार दिया।
इस दौरान अशोक जहरीली गैस की चपेट आने से उसकी केजीएमसी ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
चन्दन लाल वाल्मीकि ने दो घंटे के भीतर अधिकारियों पर दवाब बना कर मृतक की पत्नी राधा को घर बैठे तीस लाख का चैक डॉक्टर सुषमा गोडीयाल सदस्य राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार के हाथों से दिलवा दिया।
इस कार्य में पीड़ित परिवार की इलाज से पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार से तीस लाख की आर्थिक सहायता दिलाने तक पूरी आत्मीयता से साथ देने वाले चंदन लाल वाल्मीकि की प्रशंसा आकाश पुष्कर राष्ट्रीय सचिव परिसंघ और डॉक्टर सुषमा गोडीयाल के पति ने की।
ज्ञातव्य रहे कि 15 सितंबर को हुए इस हादसे में गम्भीर रूप से ज़हरीली गैस की चपेट में आने से केजीएमसी के ट्रामा सेंटर इलाज के दौरान 28 को मृत्यु हो गई।
23 को लापरवाह ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थानाध्यक्ष जानकीपुरम को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन अभी तक मुकदमा नहीं दर्ज हुआ।
अब देखना है राधा वाल्मीकि द्वारा वैधानिक कार्यवाही के लिए डॉक्टर सुषमा गोडीयाल सदस्य राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को भी प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन अभी कोई कार्यवाही नहीं हुई। क्या यह मामला भी ठंडे बस्ते में पढ़ जायेगा, या लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ एम एस एक्ट 2013 और अनुसूचित जाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होगा,
इस कार्य में राजू प्रधान राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी कल्याण महासंघ का विशेष सहयोग रहा।





